कांगड़ा जिले के देहरा पंचायत समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव गुरुवार को आवश्यक दो-तिहाई बहुमत के लिए सदस्यों की संख्या पूरी न होने के कारण स्थगित कर दिए गए। 23 सदस्यीय पंचायत समिति में अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए 16 सदस्यों के हस्ताक्षर अनिवार्य थे, लेकिन बैठक में केवल 15 सदस्य ही उपस्थित हुए। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा ने प्रदेश सरकार पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाया है। चुनाव प्रक्रिया पूरी न हो पाने के कारण अब सक्षम प्राधिकारी से अनुमति मिलने के बाद अगली बैठक में चुनाव कराया जाएगा। यह बैठक लगभग पांच दिन बाद होने की संभावना है, जिसमें चुनाव के लिए 12 सदस्यों का कोरम पर्याप्त होगा। देहरा ब्लॉक के पंचायत इंस्पेक्टर योगेश कुमार ने बताया कि बैठक में 15 सदस्य मौजूद थे, जिससे बैठक का कोरम तो पूरा था, लेकिन अध्यक्ष के चुनाव के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत यानी 16 हस्ताक्षर नहीं मिल सके। इसी कारण चुनाव स्थगित करना पड़ा। उन्होंने कहा कि एसडीएम देहरा से बात करके अगली बैठक की तिथि जल्द घोषित की जाएगी। 18 भाजपा समर्थित सदस्य निर्वाचित चुनाव टलने के बाद देहरा के पूर्व विधायक और भाजपा नेता होशियार सिंह ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पंचायत समिति के 23 सदस्यों में से 18 भाजपा समर्थित सदस्य निर्वाचित हुए थे। होशियार सिंह ने दावा किया कि 15 भाजपा समर्थित सदस्य चुनाव स्थल तक पहुंच गए थे, जबकि चार सदस्यों को कांग्रेस ने कथित तौर पर रेस्ट हाउस में रोककर रखा था। उनके अनुसार, इन चार में से तीन सदस्य भाजपा समर्थित थे। भाजपा समर्थित सदस्य ने भी उठाए सवाल
पंचायत समिति मियोल वार्ड-13 से भाजपा समर्थित सदस्य रुबीना चौधरी ने चुनाव प्रक्रिया में हो रही देरी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले पंचायत समिति की पहली बैठक में ही अध्यक्ष का चुनाव हो जाता था, लेकिन इस बार लगातार देरी हो रही है। उनका कहना था कि यदि चुनाव नहीं कराना था तो बैठक बुलाने का औचित्य क्या था। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने बताया है कि अगली बैठक की तिथि जल्द तय की जाएगी, जिसके बाद अध्यक्ष पद का चुनाव कराया जाएगा।
भाजपा के अध्यक्ष पद के दावेदार को दी धमकी उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के अध्यक्ष पद के दावेदार विनोद कुमार (जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है) को एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने उनकी पत्नी के तबादले की धमकी दी। होशियार सिंह के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ता ने कहा, “अपनी पत्नी के लिए नया स्टेशन ढूंढ लो।” उन्होंने इस घटना को लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताया। वायरल फोटो विवाद भी उठाया
पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ी एक पुरानी वायरल तस्वीर का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय में एक कांग्रेस कार्यकर्ता की टेबल पर पैर रखकर बैठे फोटो वायरल होने के बाद उस कार्यकर्ता पर कार्रवाई करने के बजाय उस तस्वीर को सोशल मीडिया पर साझा करने वाले ओबीसी वर्ग से जुड़े एक युवक को पुलिस ने चंडीगढ़ से उठाया और अन्य कई युवकों को भी धमकाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सच दिखाने वालों को निशाना बना रही है। प्रदेश सरकार आज मीडिया पर भी मामले दर्ज कर उनको धमका रही है।

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