हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा के भरमौर उपमंडल के अंतर्गत आते दुर्गम लुंडी नाले में एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ भारी बारिश के कारण नाले पर बनी अस्थायी पुलिया (तरंगड़ी) अचानक बह गई, जिससे दूसरी तरफ दर्जनों श्रद्धालु फंस गए हैं। फंसे हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान (रेस्क्यू ऑपरेशन) शुरू कर दिया है। मौके पर डटी NDRF और प्रशासन की टीमें कार्यकारी अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) विकास शर्मा खुद इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर स्थानीय प्रशासन, ग्राम पंचायत बड़ग्रां के प्रतिनिधि और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें मुस्तैदी से तैनात हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए NDRF की दूसरी विशेष बचाव टीम को भी तुरंत मौके पर बुलाकर काम पर लगा दिया गया है। कुछ श्रद्धालु सुरक्षित निकाले, रेस्क्यू जारी प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, अब तक कुछ श्रद्धालुओं को बेहद सूझबूझ के साथ सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। नाले के तेज बहाव के बीच शेष बचे हुए लोगों को भी आज ही सुरक्षित रेस्क्यू करने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। मौसम बिगड़ा तो पहुँचाया जाएगा राशन और पानी कार्यकारी एडीएम विकास शर्मा ने कहा कि प्रशासन पल-पल की स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है। यदि खराब मौसम और लगातार हो रही बारिश के कारण बचाव अभियान में कोई बाधा आती है, तो नाले के दूसरी ओर फंसे श्रद्धालुओं के लिए राशन, पीने का साफ पानी, तिरपाल और अन्य आवश्यक सामग्री (Emergency Kits) पहुँचाने की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। छंडोले वाली माता मंदिर से लौट रहे थे श्रद्धालु यह हादसा उस समय हुआ जब ये सभी श्रद्धालु ‘छंडोले वाली माता मंदिर’ में आयोजित वार्षिक धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होकर अपने घरों को लौट रहे थे। इसी दौरान अचानक लुंडी नाले में पानी का स्तर बढ़ गया और अस्थायी पुलिया बह गई, जिससे श्रद्धालुओं का संपर्क मुख्य मार्ग से पूरी तरह कट गया। अफवाहों से बचने की अपील और स्थायी पुल की मांग प्रशासन ने स्थानीय जनता और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि वे इस घटना को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारियों पर ही भरोसा करें। दूसरी ओर, इस हादसे के बाद स्थानीय निवासियों ने लुंडी नाले पर एक स्थायी पुल के निर्माण की मांग को फिर से प्रमुखता से उठाया है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बरसात के मौसम में यहाँ पुलिया बह जाती है और लोगों की जान दांव पर लग जाती है।

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