हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पहुंचने का इंतजार बढ़ता जा रहा है। मानसून तय समय से करीब एक सप्ताह पीछे चल रहा है। हालांकि अभी तक मौसम विभाग ने प्रदेश में मानसून पहुंचने की कोई संभावित तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो अगले पांच से छह दिन में मानसून राज्य के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर सकता है। मौसम विभाग के अनुसार- दक्षिण-पश्चिम मानसून इस समय अरब सागर के कुछ हिस्सों से लेकर गुजरात के सूरत, मध्य प्रदेश के इंदौर, झारखंड के डाल्टनगंज, बिहार के मोतीहारी और नेपाल सीमा तक पहुंच चुका है। इसके आगे बढ़ने की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है। देश में दो जुलाई को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से मानसून के अगले दो-तीन दिनों में आगे बढ़ने की संभावना है। यदि मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ा तो हिमाचल में भी जल्द इसकी एंट्री हो सकती है। हिमाचल के कई हिस्सों में रात में बारिश मानसून से पहले प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट बदली है। बीती रात कई क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं। वहीं आज सुबह भी कई इलाकों में बादल छाए हुए है। मौसम विभाग ने अगले छह दिनों तक प्रदेश में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। आज प्रदेश के मध्यम और कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं 30 जून की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से एक जुलाई से चार जुलाई तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अच्छी बारिश होने के आसार हैं। कल 5 जिलों में चेतावनी मौसम विभाग ने 30 जून को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में आंधी-तूफान को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। एक जुलाई को हमीरपुर, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में मौसम खराब रहने की चेतावनी है। 2 व 3 जुलाई को तेज बारिश के साथ आंधी-तूफान का अलर्ट दो और तीन जुलाई को किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर प्रदेश के अन्य सभी जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं चार जुलाई को भी प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में तेज बारिश होने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने को कहा गया है।

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