रामपुर पंचायत समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। पहली बैठक कोरम के अभाव में टलने के बाद अब निर्वाचन प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए 2 जुलाई को दूसरी बैठक बुलाई गई है। अधिकृत अधिकारी एवं एसडीएम रामपुर, हर्ष अमरेंद्र सिंह ने इस संबंध में पंचायत समिति के सभी 19 नवनिर्वाचित सदस्यों को बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के लिए आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया है। अधिसूचना के अनुसार, यह महत्वपूर्ण बैठक 2 जुलाई को सुबह 11:00 बजे विकास खंड अधिकारी (BDO) कार्यालय परिसर में स्थित पंचायत समिति सभागार, रामपुर बुशहर में आयोजित की जाएगी। इस बैठक का एकमात्र मुख्य एजेंडा पंचायत समिति रामपुर के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का निष्पक्ष निर्वाचन संपन्न कराना है। 24 जून को कोरम की कमी के चलते टल गया था चुनाव उल्लेखनीय है कि इससे पहले शीर्ष पदों के चुनाव के लिए बीते 24 जून को पहली आधिकारिक बैठक बुलाई गई थी। हालांकि, राजनीतिक खींचतान या अन्य कारणों से तय समय पर आवश्यक कोरम (निर्धारित सदस्य संख्या) पूरा नहीं हो सका था। हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम 85 के तहत पहली बैठक में पर्याप्त संख्या में सदस्यों की अनुपस्थिति के चलते चुनाव अधिकारी को कानूनी तौर पर प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी थी। दूसरी बैठक में कोरम की बाध्यता नहीं, राजनीतिक दल मुस्तैद पंचायती राज नियमों के अनुसार, पहली बैठक स्थगित होने के बाद बुलाई जाने वाली दूसरी बैठक में चुनाव प्रक्रिया को हर हाल में पूरा किया जाता है। सभी 19 निर्वाचित सदस्यों को समय पर पहुंचने की हिदायत दी गई है। इस बैठक में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी होने की शत-प्रतिशत उम्मीद है, जिससे रामपुर पंचायत समिति को अंततः नया नेतृत्व मिल जाएगा। यह चुनाव स्थानीय राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समिति के भीतर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाने के लिए प्रमुख राजनीतिक दलों (भाजपा और कांग्रेस) के बीच पर्दे के पीछे शह-मात का खेल और कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। अब सभी की नजरें 2 जुलाई को होने वाले शक्ति परीक्षण पर टिकी हैं।