हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव संपन्न हुए करीब एक महीना बीतने के बाद भी कई जगह जिला परिषद और पंचायत समिति (BDC) के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव नहीं हो पाए हैं। इसको लेकर निर्वाचित प्रतिनिधियों में नाराजगी बढ़ने लगी है। विपक्षी दल बीजेपी ने आज (शनिवार को) सरकार पर चुनाव प्रक्रिया में देरी कर लोकतांत्रिक जनादेश का अपमान करने के आरोप लगाए हैं। कई जगह राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भी किए गए। शिमला में बड़ी संख्या में बीजेपी नेताओं ने डीसी ऑफिस के बाहर धरना दिया। आनी के विधायक लोकेंद्र कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में निर्वाचित बीडीसी शनिवार को डीसी कुल्लू से मिलने पहुंचे। प्रतिनिधियों ने जल्द से जल्द अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव करवाने की मांग उठाई। ऐसा नहीं करने पर डीसी ऑफिस के बाहर ही धरने पर बैठने की चेतावनी भी दी। दरअसल, कांग्रेस सरकार ने नियमों में बदलाव कर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में टाइम लिमिट खत्म की है। बीजेपी का आरोप है कि सुक्खू सरकार ने ऐसा कदम चुनाव को प्रभावित करने और निर्वाचित सदस्यों की खरीद फरोख्त के लिए लिया है। जयराम ठाकुर बोले- जनादेश से घबराई सरकार नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला में पत्रकार वार्ता कर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर जिला परिषद और पंचायत समितियों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव टाल रही है, ताकि निर्वाचित प्रतिनिधियों पर दबाव बनाया जा सके। जयराम ठाकुर ने कहा कि पंचायत चुनावों में करीब 70 फीसदी पंचायतों में बीजेपी समर्थित प्रधान और उपप्रधान चुने गए हैं। उन्होंने दावा किया कि जिला परिषद और नगर निकाय चुनावों में भी बीजेपी को बेहतर समर्थन मिला है। सरकार के दबाव में काम कर रहे अधिकारियों की लिस्ट तैयार कर रहे जयराम ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि बीजेपी ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार कर रही है, जो सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर पार्टी कोर्ट से लेकर सड़क तक संघर्ष करेगी। सरकार पर हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप बीजेपी ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में देरी का उद्देश्य निर्वाचित सदस्यों को प्रभावित करने का मौका हासिल करना है। पार्टी ने इसे “हॉर्स ट्रेडिंग की कोशिश” बताया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि जनता ने पंचायत और नगर निकाय चुनावों में अपना जनादेश दे दिया है और सरकार को उसका सम्मान करना चाहिए। कई जगह चुनाव प्रक्रिया अधूरी बीजेपी के अनुसार प्रदेश की कई जिला परिषदों और पंचायत समितियों में अभी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव नहीं हो पाए हैं। पार्टी का कहना है कि निर्वाचित प्रतिनिधि लंबे समय से चुनाव की तारीखों का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, सरकार की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। अब देखना होगा कि पंचायत समितियों और जिला परिषदों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनावों को लेकर सरकार कब तक प्रक्रिया पूरी करती है।