हिमाचल प्रदेश में गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवारों के चयन को लेकर ग्रामीण विकास विभाग ने आठवें चरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव की ओर से जारी आदेशों में BPL सूची में शामिल करने के लिए पात्रता और अपात्रता के नए मानदंड तय किए गए हैं। आदेशों के अनुसार- अब ऐसे परिवारों को चयन में प्राथमिकता दी जाएगी, जिनमें 27 वर्ष से कम उम्र के अनाथ बच्चे सदस्य हैं या जिन परिवारों में 59 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग ही सदस्य हैं और 27 से 59 वर्ष की आयु का कोई वयस्क सदस्य नहीं है। इसके अलावा, ऐसे परिवार भी पात्र होंगे, जिनमें महिला मुखिया है और 27 से 59 वर्ष की उम्र का कोई पुरुष सदस्य नहीं है। इसमें विधवा, अविवाहित और तलाकशुदा महिलाएं शामिल होंगी। सत्यापन के बाद तैयार होगी सूची विभाग ने स्पष्ट किया कि केवल सर्वेक्षण में शामिल होने या पात्र पाए जाने से किसी परिवार को स्वत: BPL सूची में शामिल होने का अधिकार नहीं मिलेगा। अंतिम सूची राज्य सरकार द्वारा तय सीमा, सत्यापन प्रक्रिया और समय-समय पर जारी निर्देशों के आधार पर तैयार की जाएगी। 15 जुलाई तक लिस्ट प्रकाशित होगी आठवें चरण के तहत प्राप्त आवेदनों का सत्यापन ग्राम स्तर, खंड स्तर और जिला स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। विभाग के अनुसार आवेदन प्राप्त करने, सत्यापन और अनुशंसा की प्रक्रिया 5 जुलाई 2026 तक पूरी की जाएगी, जबकि सूची का प्रकाशन 15 जुलाई 2026 तक किया जाएगा। हिमाचल में एक साल से BPL परिवारों के चयन की प्रक्रिया जारी है। राज्य में इस बार चरणबद्ध ढंग से पात्र परिवारों का चयन किया जा रहा है। इससे पहले सात चरण पूरे हो चुके है। पहले चरण में बेहद गरीबी परिवारों को शामिल किया गया। इसके बाद अलग अलग चरण में अलग अलग श्रेणी व पात्रता के हिसाब से बीपीएल परिवारों का चयन जारी है।