जुलाई 2023 में आई भीषण आपदा के दौरान ब्यास नदी पर बना कुन का तर पुल बह गया था। इससे द्रंग, जोगेंद्रनगर और सदर विधानसभा क्षेत्रों के बीच सीधा संपर्क टूट गया था। लगभग 3 वर्षों तक क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अब इस पुल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और स्थानीय लोग इसके जल्द लोकार्पण की मांग कर रहे हैं। पुल के अभाव में लोगों को नदी के दूसरी ओर जाने के लिए करीब 200 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता था। इसका असर न केवल दैनिक आवाजाही पर पड़ा, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक संबंधों पर भी गहरा प्रभाव पड़ा। विद्यार्थियों, कर्मचारियों, किसानों और व्यापारियों को भी लंबे समय तक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लोगों की लंबे समय से चल रही मांग पूरी जय प्रकाश ठाकुर ने पुल के तैयार होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी। उनके अनुसार, इस पुल के निर्माण से तीनों विधानसभा क्षेत्रों के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और वर्षों से चली आ रही कठिनाइयों का अंत होगा। जय प्रकाश ठाकुर ने सरकार और संबंधित विभाग का आभार व्यक्त करते हुए पुल को जल्द से जल्द जनता को समर्पित करने की मांग की। उन्होंने यह भी बताया कि आपदा में बहे पुराने पुल का मलबा और निर्माण सामग्री अभी भी नदी किनारे पड़ी है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि बरसात शुरू होने से पहले इसे हटाया जाए, ताकि यह दोबारा नुकसान का कारण न बने। पुल के शुरू होने से आवागमन होगा आसान क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि पुल के शुरू होने से आवागमन आसान होगा, समय और धन की बचत होगी। इसके साथ ही, तीनों विधानसभा क्षेत्रों के बीच सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।