मंडी जिले के बल्ह उपमंडल के नागचला क्षेत्र में जनगणना सर्वे के दौरान एक महिला टीचर पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। इस हमले में टीचर की जान एक स्थानीय बुजुर्ग की सूझबूझ और तत्परता से बची। जेबीटी टीचर शीला देवी नागचला में घर-घर जनगणना सर्वे कर रही थीं। इसी दौरान 10 से 15 बंदरों के झुंड ने उन्हें घेर लिया और हमला कर दिया। हमले से घबराकर शीला देवी सड़क पर गिर गईं और मदद के लिए आवाज लगाई। पास मौजूद एक बुजुर्ग ने तुरंत पहुंचकर बंदरों को भगाया और उन्हें सुरक्षित निकाला। इस हमले में शीला देवी के बाजू और पैरों पर गहरी खरोंचें और नाखूनों के निशान आए हैं। उन्हें तुरंत मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने रेबीज रोधी इंजेक्शन लगाए। डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें अभी 2 और इंजेक्शन लेने होंगे। कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता घटना के बाद शीला देवी ने प्रशासन और जनगणना विभाग से मांग की है कि सर्वे कार्य के दौरान महिला कर्मचारियों को अकेले न भेजा जाए। उन्होंने कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। बंदरों के बढ़ते आतंक से लोग परेशान इस घटना ने नागचला और आसपास के क्षेत्रों में बंदरों के बढ़ते आतंक की समस्या को उजागर किया है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से बंदरों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।