हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय शिक्षक संघ (एचजीसीटीए) की मंडी इकाई ने अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। बुधवार को वल्लभ राजकीय महाविद्यालय परिसर में शिक्षकों ने काली पट्टियां बांधकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक जल्द आयोजित करने और लंबित महंगाई भत्ता (डीए) एरियर जारी करने की मांग की। दोपहर बाद आयोजित इस गेट मीटिंग में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भाग लिया। वक्ताओं ने बताया कि महाविद्यालय शिक्षक संवर्ग लंबे समय से करियर ठहराव की समस्या से जूझ रहा है। कॉलेज शिक्षकों के लिए अंतिम डीपीसी वर्ष 2021 में हुई थी, जिसके बाद से पदोन्नति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है। इससे कई पात्र और वरिष्ठ सहायक आचार्य पदोन्नति तथा संबंधित वित्तीय लाभों से वंचित हैं। पदाधिकारियों के सामने उठाई बात एचजीसीटीए की राज्य अध्यक्षा डॉ. बनीता सकलानी और अन्य पदाधिकारियों ने इस मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और शिक्षकों के महंगाई भत्ते का लंबित एरियर अब तक जारी नहीं किया गया है, जिससे शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से इस वित्तीय देयता का जल्द निपटारा करने की अपील की। लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष का ऐलान शिक्षक संघ ने उच्च शिक्षा विभाग और राज्य सरकार से सभी पात्र शिक्षकों की डीपीसी तत्काल आयोजित करने और डीए एरियर का भुगतान शीघ्र करने का आग्रह किया। संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। एचजीसीटीए ने स्पष्ट किया कि महाविद्यालय शिक्षक अपने वैधानिक अधिकारों, समयबद्ध पदोन्नति और वित्तीय लाभों की प्राप्ति के लिए पूरी तरह एकजुट हैं। आवश्यकता पड़ने पर वे लोकतांत्रिक तरीके से अपने संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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