मंडी जिले के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (SLBSGMCH) ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में अब तक 61 सफल रोबोटिक सर्जरियां की जा चुकी हैं। इससे मरीजों को लाभ मिल रहा है। इस सर्जरी में न केवल रक्तश्राव कम होता है बल्कि मरीजों को दर्द भी कम होता है मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजेश कुमार ने एक पत्रकार वार्ता में बताया कि जनवरी 2026 में अस्पताल में लगभग 28 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक ‘दा विंची Xi’ (Da Vinci Xi) रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम स्थापित किया गया था, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 6 मार्च 2026 को किया था। जनरल सर्जरी और स्त्री रोग विभाग में नियमित ऑपरेशन जारी प्रिंसिपल डॉ. राजेश कुमार ने आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि कुल 61 सर्जरियों में से 51 ऑपरेशन जनरल सर्जरी विभाग द्वारा और 10 ऑपरेशन प्रसूति एवं स्त्री रोग (गायनी) विभाग द्वारा सफलतापूर्वक किए गए हैं। वर्तमान में जनरल सर्जरी विभाग हफ्ते में तीन दिन और स्त्री रोग विभाग हफ्ते में दो दिन इस आधुनिक तकनीक से ऑपरेशन कर रहा है। इन ऑपरेशनों में पित्ताशय (गॉल ब्लैडर), हर्निया, गर्भाशय की समस्याएं, अंडाशय की सिस्ट और कैंसर जैसी जटिल प्रक्रियाएं शामिल हैं। मरीजों को मिल रहे हैं रोबोटिक सर्जरी के बड़े फायदे डॉ. कुमार ने रोबोटिक सर्जरी के फायदों पर रोशनी डालते हुए कहा कि इस तकनीक से ऑपरेशन बेहद सटीकता से होता है। इसके मुख्य लाभ- ऑपरेशन के दौरान खून का बहाव (रक्तस्राव) बहुत कम होता है। पारंपरिक सर्जरी के मुकाबले मरीज को दर्द काफी कम होता है। मरीज बहुत तेजी से स्वस्थ होता है और उसे अस्पताल में ज्यादा दिन रुकना नहीं पड़ता। भविष्य में और विस्तार की योजना, स्टाफ को दिया श्रेय प्रिंसिपल ने इस शानदार सफलता का पूरा श्रेय अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, तकनीशियनों (टेक्नीशियन्स) और सहायक कर्मचारियों की पूरी टीम को दिया। उन्होंने कहा कि टीम के संयुक्त प्रयासों और विशेष प्रशिक्षण के कारण ही यह मील का पत्थर हासिल हो सका है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस रोबोटिक सुविधा का और अधिक विस्तार किया जाएगा, ताकि हिमाचल प्रदेश के आम लोगों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े और उन्हें अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।

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