हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सेवारत्त लगभग 21 हजार मिड डे मील वर्कर (MDM) अपनी मांगों को लेकर राज्यव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। सीटू के बैनर तले MDM वर्कर राजधानी शिमला में सचिवालय का घेराव करेंगे। इससे पहले टॉलैंड से सचिवालय तक आक्रोश रैली निकालेंगे। MDM वर्कर लंबे समय से मानदेय बढ़ाने और अन्य मांगों को लेकर सरकार से अनुरोध कर रहे हैं। 10 से 15 साल की सेवाओं के बावजूद इन्हें मात्र 4500 रुपए मासिक मानदेय दिया जा रहा है। इससे MDM वर्करों के लिए आसमान छू रही महंगाई के दौर में परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है। इससे लगभग 8 हजार सरकारी स्कूलों में आज लंच मिलना मुश्किल होगा। हालांकि शिक्षा विभाग ने टीचरों की लंच की व्यवस्था के निर्देश दे रेखे है। जानिए MDM वर्करों ने सरकार पर क्या आरोप लगाए:- हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद 12 महीने का मानदेय नहीं जगत सिंह ने कहा कि मिड डे मील वर्करों को साल में केवल 10 महीने का मानदेय दिया जाता है। स्कूलों में दो महीने की छुट्टियों के कारण उन्हें भुगतान नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि इस मामले में हिमाचल हाईकोर्ट ने 12 महीने का मानदेय देने के आदेश दे रखे हैं, बावजूद इसके आदेशों की अनुपालना नहीं की जा रही है। आज इन मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। फिर भी उनकी मांगे नहीं मानी गई तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा।