प्रभु श्री राम के मंदिर में दान की चोरी का काम कई साल से चल रहा था। इसमें सब मिले हुए थे, बैंक वाले, काउंटिंग करने वाले और निगरानी करने वाले। इन सब पापियों को सजा मिलेगी लेकिन जिनके पास मैनेजमेंट की जिम्मेदारी है, जिनकी लापरवाही और गैरजिम्मेदारी के कारण इतनी लूट हुई, क्या ये लोग भी इस पाप के भागीदार नहीं हैं?