किन्नौर जिले के टापरी में आयोजित 6 दिवसीय ग्रीष्मोत्सव के समापन समारोह में राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने महोत्सव को जिला स्तरीय बनाने का आश्वासन दिया और टापरी फल मंडी के विस्तारीकरण की घोषणा की। मंत्री ने आयोजन समिति को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि मेले और त्योहार स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करते हैं, और वर्तमान राज्य सरकार हिमाचल की संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि मेले और त्योहार आपसी भाईचारे के प्रतीक हैं। खासकर जनजातीय जिलों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में ये तनाव दूर करने का माध्यम बनते हैं। फल मंडी के विस्तारीकरण से बागवानों को लाभ मिलेगा नेगी ने घोषणा की है कि टापरी फल मंडी का विस्तारीकरण किया जाएगा, जिससे छोटे एवं सीमांत बागवानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि टापरी क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा के तहत आइसलैंड की कंपनी की मदद से भू-तापीय ऊर्जा प्रणाली से सीए स्टोर का निर्माण भी किया जा रहा है। मंत्री ने आयोजन समिति द्वारा महिला मंडलों के लिए कबड्डी और रस्साकस्सी प्रतियोगिताएं आयोजित करने की सराहना की। उन्होंने भविष्य में बॉक्सिंग प्रतियोगिता आयोजित करने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अगले वर्ष से चंगाव और उरनी से वाया चोलिंग होते हुए मैराथन आयोजित करने के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मेला समिति को 1 लाख 50 हजार रुपए देने की घोषणा मंत्री ने मेला समिति को 1 लाख 50 हजार रुपए की राशि देने की घोषणा की। साथ ही, सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले सभी महिला मंडलों को 15-15 हजार रुपए और 6 दिवसीय ग्रीष्मोत्सव में मंच संचालन करने वाली आशा कुमारी को 25 हजार रुपए दिए जाएंगे। उन्होंने मेले में उनके साथ आए अतिथियों द्वारा मेला समिति को 35 हजार रुपए की राशि देने के लिए धन्यवाद भी किया।