रोहतक की बेटी व रेवाड़ी की बहू मनीषा मित्तल की हिमाचल के शिमला में सरस्वती पैराडाइज स्कूल कैंपस में गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या से पहले स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल ने कई बार मीडिया पर अपने छोटे भाई हिमांक मित्तल पर धमकियां देने व संपत्ति हड़पने के आरोप लगाए थे। मर्डर से एक सप्ताह पहले ही मनीषा रेवाड़ी आई थी। उनका पति के साथ मेंटेनेंस केस चल रहा था। इसी को लेकर वो अपने वकील से मिलीं थी। इस दौरान मनीषा ने वकील से शिमला में भाई के साथ चल रहे प्रॉपर्टी के केस में आ रही परेशानियों पर बात की थी। उन्होंने कहा था- मैं काफी परेशान हो चुकी हूं, अब शिमला में ही रहूंगी। बता दें कि मनीषा का उन्ही के सरस्वती पैराडाइज स्कूल के बाहर गोली मारकर हत्या की गई। मीनाक्षी की हत्या से पहले का एक पुराना वीडियो भी सामने आया, जिसमें वह कह रही हैं कि हिमांक उसे मारने की धमकियां दे रहा है। पहले स्कूल संचालिका मनीषा के बारे में जानिए…. लव मैरिज से खुश नहीं था परिवार जानकारी के अनुसार, डॉ. सुभाष यादव से मनीषा ने करीब 18 साल पहले लव-मैरिज की थी। मनीषा की डॉ. सुभाष से रोहतक में एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान मुलाकात हुई थी। डॉ. सुभाष के साथ लव मैरिज करने से मनीषा का परिवार खुश नहीं था। जिस कारण परिवार ने शादी के करीब एक दशक बाद भी डॉ. सुभाष को नहीं अपनाया। भाई हिमांक का मानना था कि डॉ. सुभाष ने प्रॉपर्टी के लिए मनीषा से लव-मैरिज की। इसके बाद सुभाष और मनीषा के संबंध दो साल पहले खराब हो गए। इस दौरान कई बार पति पर मारपीट के आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत की। केस फिलहाल विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) में चल रहा था। हालांकि, डॉ. सुभाष के खिलाफ मनीषा व उनकी बेटी का रेवाड़ी कोर्ट में मेंटेनेंस (भरण-पोषण) का केस चल रहा है। दोनों की 17 साल की एक बेटी है। जो फिलहाल मां के साथ रह रही थी। कोरोना काल में माता-पिता की मौत कोरोना काल में मनीषा के माता-पिता की मौत हो गई थी। हालांकि मौत से पहले परिवार ने मनीषा और डॉ. सुभाष यादव की शादी को स्वीकार कर लिया था। माता-पिता की मौत के बाद हिमांक ने रोहतक और शिमला दोनों स्कूलों का संचालक अपने हाथ में ले लिया। जिसके बाद मनीषा ने माता-पिता की प्रॉपर्टी से अपना हिस्सा मांगा। भाई के नहीं मानने पर मनीषा ने कोर्ट में केस किया। जिससे मनीषा को शिमला के स्कूल में एंट्री मिली। 2005 में खुला था सरस्वती पैराडाइज स्कूल शिमला में सरस्वती पैराडाइज स्कूल 2005 में मनीषा मित्तल व हिमांक मित्तल के पिता धर्मपाल मित्तल ने बनाया था। जबकि रोहतक में एमएस सरस्वती के नाम से 1979 में स्कूल को शुरू किया गया था। शिमला में स्कूल चलाने के लिए एक सोसायटी गठित की, जिसका नाम पैरामाउंट पब्लिक स्कूल इंटरनेशनल सोसायटी रखा गया और इसकी वाइस प्रेसिडेंट 2007 से मनीषा मित्तल रही। अब जानिए क्या है भाई से विवाद… माता-पिता की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद हिमांक व मनीषा के पिता धर्मपाल मित्तल व मां नूतन मित्तल की संदिग्ध मौत के बाद 2020 से ही दोनों भाई-बहन के बीच स्कूल को लेकर विवाद शुरू हो गया। मनीषा मित्तल ने जहां पिता के मरने के बाद खाली हुई जगह को भरने के लिए नई गवर्निंग बॉडी व नए सदस्यों के लिए अप्लाई किया, तो उनका आवेदन खारिज कर दिया। छोटे भाई पर लगाए थे जाली कागज रखने के आरोप मनीषा मित्तल ने शिमला में मीडिया के सामने अपने छोटे भाई हिमांक मित्तल पर गंभीर आरोप लगाए थे। मनीषा ने कहा था कि एसडीएम की सोसायटी को लेकर जांच रिपोर्ट 2 मार्च 2022 को आई, जिसमें स्पष्ट किया कि हिमांक मित्तल ने अन्य लोगों के साथ मिलकर जाली कागजों व डूप्लीकेट प्रोसीडिंग रखी है। सोसायटी की ओरिजन मिनट बुक को छुपाया जा रहा है। हिमांक पर लगाया था करोड़ों के गबन का आरोप मनीषा मित्तल ने अपने छोटे भाई हिमांक मित्तल पर माता-पिता के फर्जी साइन करके करोड़ों रुपए का गबन करने का आरोप लगाया था। मनीषा ने कहा था कि 2007 में जब उसकी शादी हुई तो उसके पिता धर्मपाल मित्तल ने उसे 15 अगस्त 2007 को सरस्वती पैराडाइज स्कूल का वाइस प्रेजीडेंट बनाया था। जबकि हिमांक मित्तल कह रहा है कि वह प्रेजीडेंट है। 2023 में गलत तरीके से करवाए चुनाव मनीषा मित्तल ने आरोप लगाया था कि 2023 में गलत तरीके से चुनाव करवाए गए थे। तहसीलदार ने उस समय केवल तीन लोगों को लेटर जारी कर कहा कि अपने लोगों को लेकर आ जाओ, हम चुनाव करवा देंगे। जबकि 2005 से लेकर 2023 तक जो भी सदस्य रहे, उन सभी लेटर जाना चाहिए था। जब इसकका विरोध किया तो किसी ने नहीं सुनी और चुनाव करवा दिए। 14 दिसंबर 2025 को आया कोर्ट का फैसला मनीषा मित्तल ने अपनी वीडियो में बताया कि जब चुनाव को लेकर कोर्ट गए तो 14 दिसंबर 2025 को निर्णय आया कि चुनाव में गड़बड़ी हुई है, चुनाव गलत करवाए गए है। इसके बाद 22 जनवरी 2026 को एसपी से मिलकर कहा कि वह स्कूल जा रही है। जिसके बाद एसएचओ की मौजूदगी में 26 जनवरी 2026 को स्कूल में एंट्री की। हिमांक मित्तल ने झूठी रिपोर्ट देकर दर्ज करवाया था केस मनीषा ने अपनी वीडियो में कहा कि हिमांक मित्तल, गोविंद व एक महिला कर्मचारी ने झूठी रिपोर्ट देकर उसके खिलाफ केस दर्ज करवाया। जब पुलिस आई तो सारी जांच के बाद हिमांक मित्तल व उसके साथियों के खिलाफ एसडीएम को कलंदरा दिया था। इस दौरान एक चौकीदार को भी झूठ न बोलने पर नौकरी से हटा दिया। प्रिंसिपल के साथ मिलकर हिमांक ने की गुंडागर्दी मनीषा ने आरोप लगाया था कि प्रिंसिपल नीरज वर्मा के साथ मिलकर हिमांक मित्तल ने गुंडागर्दी मचा रखी थी। 23 मार्च को प्रिंसिपल हायर अथोरिटी के पाए गए तो वहां भी उसे निराश होकर लौटना पड़ा। इसके बाद एक एप्लीकेशन नकली पेरेंट्स के साइन करवाकर दी गई कि मनीषा के कारण स्कूल डिस्टर्ब हो रहा है। हिमांक मित्तल पर लगाया था ताले लगाने का आरोप मनीषा ने अपने छोटे भाई हिमांक पर आरोप लगाया था कि 1 अप्रैल 2026 को वह अपनी गैंग के साथ आए और उनकी प्रॉपर्टी पर ताले लगा दिए। हिमांक मित्तल के खिलाफ हरियाणा में भी धारा 506 का केस दर्ज है, क्योंकि वह लगातार उसे धमकियां दे रहा था।

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