हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के रहने वाले वाला आदित्य शर्मा (23) की अमेरिकी हमले में मौत हो गई। वह तेल टैंकर ‘MT सेत्तेबेल्लो’ पर थे। केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनेवाल ने इसकी पुष्टि की है। आदित्य शर्मा जहाज पर डेक कैडेट के पद पर थे और 6 महीने पर ही नौकरी ज्वॉइन की थी। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, जहाज पर सवार 24 भारतीय क्रू सदस्यों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है। वहीं, ओमान स्थित भारतीय दूतावास लापता लोगों की तलाश के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनेवाल ने बताया कि अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि जहाज का चीफ इंजीनियर अभी भी लापता है। बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने बताया कि सांसद अनुराग सिंह ठाकुर आदित्य का पार्थिव शरीर जल्द स्वदेश लाने के लिए विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में हैं। इकलौती संतान, ट्रेनिंग पीरियड पर था आदित्य आदित्य शर्मा अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे, उनके पिता जालंधर में निजी व्यवसाय करते हैं। उन्होंने 24 नवंबर 2025 को मर्चेंट नेवी में ड्यूटी ज्वाइन की थी और उनका 15 महीने का ट्रेनिंग पीरियड चल रहा था। आदित्य के चाचा संजीव लखनपाल ने बताया कि वह छह महीने के कॉन्ट्रैक्ट पर जहाज में ड्यूटी के लिए गए थे और 24 मई को वापस लौटने वाले थे। हालांकि, कुछ समय पहले आदित्य ने परिवार को बताया था कि वह आधी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद ही घर आएंगे। इसी कारण उनका कॉन्ट्रैक्ट दो महीने के लिए बढ़ा दिया गया था। संजीव लखनपाल के अनुसार, जिस कंपनी में आदित्य कार्यरत थे, उसने मंगलवार शाम हमले की जानकारी दी थी। उस समय आदित्य को लापता बताया गया था, जबकि बुधवार को उनके शव मिलने की सूचना परिवार को दी गई। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आदित्य का पार्थिव शरीर कब तक भारत लाया जाएगा। परिवार ने केंद्र सरकार से पार्थिव शरीर जल्द स्वदेश पहुंचाने की मांग की है। 3 दिन में भारतीय क्रू वाले 2 जहाजों पर हमला अमेरिका ने पिछले 3 दिनों में भारतीय क्रू वाले दो तेल टैंकरों पर हमला किया है। पहला हमला 8 जून को एमटी मैरीवेक्स पर हुआ। इस पर 28 नाविक सवार थे जिसमें 24 भारतीय थे। भारतीय तटरक्षक बल और ओमान की एजेंसियों ने सभी को सुरक्षित निकाला। इसके बाद 10 जून को एमटी सेत्तेबेल्लो पर हमला हुआ। यह पलाऊ के झंडे के तहत चल रहा था। इस पर भी 24 क्रू मेंबर्स थे। इनमें से 3 भारतीयों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। विदेश मंत्रालय ने इस हमले की निंदा की और अमेरिका के दूतावास के समक्ष औपचारिक विरोध दर्ज कराया।

Spread the love