हिमाचल में पिछले कुछ दिनों से जारी बयानबाजी के बीच कांग्रेस के पूर्व विधायक नीरज भारती और हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के वाइस चेयरमैन अजय वर्मा ने बुधवार को चंडीगढ़ की एक लैब में अपना डोप टेस्ट कराया। दोनों नेताओं की जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। दरअसल, कृषि मंत्री के बेटे नीरज भारती पिछले करीब एक सप्ताह से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार के खिलाफ लगातार हमलावर हैं। उनके बयानों को लेकर कांग्रेस के भीतर भी सियासी घमासान मचा हुआ है। इस बीच अजय वर्मा ने नीरज भारती पर निशाना साधते हुए कहा था कि वह अनाप-शनाप बयान देते हैं, उन्हें अपना डोप टेस्ट कराना चाहिए। इसके जवाब में नीरज भारती ने कहा कि वह डोप टेस्ट को तैयार है। उन्होंने अजय वर्मा को भी अपना डोप टेस्ट कराने की चुनौती दी, जिसे अजय वर्मा ने भी स्वीकार किया। इसके बाद दोनों नेता आज चंडीगढ़ की एक निजी लैब में पहुंचे और दोनों ने अपना-अपना डोप टेस्ट कराया। डोप टेस्ट कराने के बाद दोनों ने चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत की। इस दौरान भारती ने कहा कि उन्हें डोप टेस्ट कराने की बात कही गई थी। इसलिए, आज टेस्ट करवा दिया है। अब रिपोर्ट का इंताजर है। दोनों का आपस में कोई मनमुटाव नहीं है। सीएम ने भी भारती को नशेड़ी कहा मुख्यमंत्री सुक्खू भी नीरज भारती को नशेड़ी कह चुके हैं। जवाब में नीरज भारती ने भी सीएम सुक्खू पर व्यक्तिगत टिप्पणी की। ऐसे में डोप टेस्ट को लेकर शुरू हुआ यह विवाद प्रदेश की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। जवाब राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रिपोर्ट आने के बाद यह मामला और अधिक तूल पकड़ सकता है। फिलहाल दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर कायम हैं और प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर सरगर्मी बनी हुई है। क्या होता है डोप टेस्ट डोप टेस्ट एक चिकित्सीय जांच होती है, जिसमें किसी व्यक्ति के शरीर में नशीले पदार्थों या प्रतिबंधित दवाओं की मौजूदगी का पता लगाया जाता है। इस जांच के लिए आमतौर पर यूरिन, ब्लड, लार या कभी-कभी बाल के नमूने लिए जाते हैं। लैब में इन नमूनों की जांच कर यह देखा जाता है कि व्यक्ति ने किसी प्रकार का नशीला पदार्थ या मादक दवा का सेवन किया है या नहीं। डोप टेस्ट में किन पदार्थों की जांच होती है? गांजा चरस कोकीन हेरोइन और अन्य ओपिओइड्स एम्फेटामाइन मेथाम्फेटामाइन कुछ नींद या दर्द की दवाएं अन्य प्रतिबंधित या मादक पदार्थ

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