सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला सुनाते हुए कहा कि दो बालिगों के बीच आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंध किसी भी तरह से उनका चरित्र आंकने का पैमाना नहीं हो सकते। 

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