हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के सराज उपमंडल के बगस्याड़ क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा पेश आया है। यहाँ बगस्याड़-शिकारी मार्ग पर सुनास गांव के समीप एक एलएनटी (LT) मशीन से लदा ट्राला अचानक सड़क धंसने के कारण असंतुलित होकर करीब 50 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस दर्दनाक हादसे में ट्राला चालक की मौके पर ही मौत हो गई। भतीजे को नीचे उतारकर रास्ता देखने को कहा था, तभी हुआ हादसा प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात करीब 11:30 बजे ट्राला (नंबर: HP-82A-4044) थुनाग से कांढी की ओर जा रहा था। सुनास गांव के पास सड़क की हालत बेहद खराब थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चालक ने खतरे को भांपते हुए अपने भतीजे साहिल कुमार को ट्राले से नीचे उतार दिया और आगे का रास्ता देखने को कहा। लेकिन जैसे ही चालक ने वाहन को थोड़ा आगे बढ़ाया, कच्ची सड़क का किनारा अचानक धंस गया और भारी-भरकम ट्राला सीधे खाई में समा गया। मृतक चालक की पहचान 38 वर्षीय संतोष कुमार, पुत्र हेम सिंह, निवासी सरकाघाट (मंडी) के रूप में हुई है। हादसे के तुरंत बाद चालक के भतीजे साहिल ने रात 11:30 बजे ही पुलिस को फोन कर घटना की सूचना दी। पिछले साल की आपदा के बाद लगाया गया था अस्थायी डंगा स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहाँ पिछले साल 30 जून को आई भयंकर प्राकृतिक आपदा के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। लोक निर्माण विभाग द्वारा बाद में यातायात बहाल करने के लिए वहाँ अस्थायी रूप से एक कच्चा डंगा (सपोर्ट वॉल) लगाया गया था, जो ट्राले का भारी वजन नहीं सह सका और धंस गया। स्थानीय लोगों ने चलाया राहत अभियान घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम और स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। रात के अंधेरे में ही स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया और चालक संतोष कुमार को कड़ी मशक्कत के बाद खाई से बाहर निकाला गया। उन्हें तुरंत नागरिक स्वास्थ्य केंद्र बगस्याड़ ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल जंजैहली भेज दिया। पुलिस जांच में जुटीहिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के सराज उपमंडल के बगस्याड़ क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा पेश आया है। यहाँ बगस्याड़-शिकारी मार्ग पर सुनास गांव के समीप एक एलएनटी (LT) मशीन से लदा ट्राला अचानक सड़क धंसने के कारण असंतुलित होकर करीब 50 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस दर्दनाक हादसे में ट्राला चालक की मौके पर ही मौत हो गई। भतीजे को नीचे उतारकर रास्ता देखने को कहा था, तभी हुआ हादसा प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात करीब 11:30 बजे ट्राला (नंबर: HP-82A-4044) थुनाग से कांढी की ओर जा रहा था। सुनास गांव के पास सड़क की हालत बेहद खराब थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चालक ने खतरे को भांपते हुए अपने भतीजे साहिल कुमार को ट्राले से नीचे उतार दिया और आगे का रास्ता देखने को कहा। लेकिन जैसे ही चालक ने वाहन को थोड़ा आगे बढ़ाया, कच्ची सड़क का किनारा अचानक धंस गया और भारी-भरकम ट्राला सीधे खाई में समा गया। मृतक चालक की पहचान 38 वर्षीय संतोष कुमार, पुत्र हेम सिंह, निवासी सरकाघाट (मंडी) के रूप में हुई है। हादसे के तुरंत बाद चालक के भतीजे साहिल ने रात 11:30 बजे ही पुलिस को फोन कर घटना की सूचना दी। पिछले साल की आपदा के बाद लगाया गया था अस्थायी डंगा स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहाँ पिछले साल 30 जून को आई भयंकर प्राकृतिक आपदा के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। लोक निर्माण विभाग द्वारा बाद में यातायात बहाल करने के लिए वहाँ अस्थायी रूप से एक कच्चा डंगा (सपोर्ट वॉल) लगाया गया था, जो ट्राले का भारी वजन नहीं सह सका और धंस गया। स्थानीय लोगों ने चलाया राहत अभियान घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम और स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। रात के अंधेरे में ही स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया और चालक संतोष कुमार को कड़ी मशक्कत के बाद खाई से बाहर निकाला गया। उन्हें तुरंत नागरिक स्वास्थ्य केंद्र बगस्याड़ ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल जंजैहली भेज दिया। पुलिस जांच में जुटी डीएसपी करसोग चांद किशोर ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। मृतक चालक के शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के सही कारणों की गहनता से जांच की जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। मृतक चालक के शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।