हिमाचल की राजधानी शिमला के संजौली में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित छेड़छाड़ और ब्लैकमेल के मामले को लेकर शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि उत्तर प्रदेश निवासी 2-3 लड़कों ने पहले नाबालिग का वीडियो बनाया और बाद में उसे ब्लैकमेल करने लगे। पीड़िता का यह भी आरोप है कि लड़कों ने उसे अपनी दुकान पर बुलाकर गलत तरीके (बैड टच) से छूने का प्रयास भी किया। पीड़िता ने इस मामले में न्यू शिमला स्थित महिला थाना में एफआईआर करवा दी है। एफआईआर के 20 घंटे बाद भी आरोपियों कि गिरफ्तारी नहीं हुई। इस पर देवभूमि संघर्ष समिति भड़क गई और संजौली में 2 आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। इस दौरान संजौली में नारेबाजी भी की गई। कुछ देर के लिए चक्का जाम भी किया। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने दोनों आरोपी हिरासत में लिए विरोध प्रदर्शन के बीच मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों लड़कों को हिरासत में लिया। उन्हें पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जिस लड़की से छेड़छाड़ की गई, वह भी विशेष समुदाय की है और छेड़छाड़ करने वाले आरोपी भी विशेष समुदाय के बताए जा रहे हैं। पुलिस के रवैये से जनता नाराज: समिति देवभूमि संघर्ष समिति के संयोजक विजय शर्मा ने कहा कि समिति ने पुलिस प्रशासन को कार्रवाई के लिए 24 घंटे का समय दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्धारित समय के भीतर गिरफ्तारी नहीं होने के कारण लोगों में रोष बढ़ा और उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा। देवभूमि संघर्ष समिति की पदाधिकारी श्वेता चौहान ने कहा कि नाबालिग बेटी ने उन्हें फोन करके छेड़छाड़ की जानकारी दी। उन्होंने लड़की को एफआईआर कराने महिला थाना भेजा। एफआईआर के बावजूद पुलिस ने दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया। इसके बाद उन्होंने आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया नाबालिगों से जुड़े मामले में पुलिस को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए: विजय विजय शर्मा ने कहा कि नाबालिगों से जुड़े गंभीर मामलों में पुलिस को तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि लोगों का कानून व्यवस्था पर भरोसा बना रहे।