हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। रात 10 बजकर 4 मिनट पर 2 से 3 सेकंड तक धरी कांपी। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5 मापी गई। जमीन के भीतर इसकी गहराई 5 किलोमीटर रही। भूकंप का केंद्र चंबा जिला रहा। इस दौरान चंबा और कांगड़ा में कुछ लोग अपने घरों से बाहर भाग गए और काफी देर तक घरों के बाहर बैठे रहे। अब तक इससे किसी भी प्रकार के जान व माल के नुकसान की सूचना नहीं है। चंबा के अलावा कांगड़ा, मंडी, सोलन, हमीरपुर, बिलासपुर में भी भूकंप महसूस किया गया। भूकंप की दृष्टि से हिमाचल प्रदेश अति संवेदनशील जोन 5 में आता है। इसलिए यहां बार-बार भूकंप के झटके आते रहते हैं। अब जानिए भूकंप क्यों आता है? धरती की सतह मुख्य तौर पर 7 बड़ी और कई छोटी-छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से मिलकर बनी है। ये प्लेट्स लगातार तैरती रहती हैं और कई बार आपस में टकरा जाती हैं। टकराने से कई बार प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं और ज्यादा दबाव पड़ने पर ये प्लेट्स टूटने लगती हैं। ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर निकलने का रास्ता खोजती है और इस डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।