किन्नौर जिले के पूह में भारत-चीन शिपकी ला सीमा व्यापार से जुड़े स्थानीय व्यापारियों के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस शिविर में 58 व्यापारियों ने भाग लिया। इसका मुख्य उद्देश्य सीमांत क्षेत्र के व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार की तकनीकी प्रक्रियाओं को सरल भाषा में समझाना और उनके व्यवसाय को गति देना था। जिला उपायुक्त डॉ. अमित कुमार ने बताया कि इंडो-चाइना बॉर्डर ट्रेड के लिए 58 व्यापारियों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों को सुरक्षा मंजूरी के लिए भेजा गया है। सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद ही व्यापारियों को व्यापार के लिए पास जारी किए जाएंगे। कस्टम विभाग के अधिकारियों ने दी पूरी जानकारी कार्यशाला में कस्टम विभाग के अधिकारियों ने आयात-निर्यात की पूरी कागजी और व्यावहारिक प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के अधिकारियों ने व्यापारियों को आईईसी कोड प्राप्त करने और उसके ऑनलाइन पुन:पंजीकरण की लाइव प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया। इस शिविर में देश के प्रमुख नियामक विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने व्यापारियों की विभिन्न शंकाओं का समाधान किया। इस व्यापार के तहत कुल 36 वस्तुओं का निर्यात और 20 वस्तुओं का आयात किया जाएगा।