वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे पर शिमला में आज (शुक्रवार को) एंटी-चिट्टा एवं स्वच्छ पर्यावरण जागरूकता मिनी मैराथन का आयोजन किया गया। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसमें स्पेशल बच्चों के साथ युवा, विद्यार्थी, शिक्षण संस्थान, सरकारी विभाग, स्वयंसेवी संगठन, महिला मंडल, खेल संगठन तथा आम नागरिक भाग ले रहे है। इसका आयोजन पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा जनगणना कार्य निदेशालय, हिमाचल प्रदेश के सहयोग से किया गया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कुछ देर बाद पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर विजेताओं एवं प्रतिभागियों को सम्मानित करेंगे। चिट्टे को न, जिंदगी को हां मैराथन का मुख्य संदेश चिट्टा को न, जिंदगी को हां रखा गया है। पुलिस का मानना है कि यह अभियान युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली, फिटनेस, अनुशासन, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करेगा। नशे पर दिखाएंगे लघु फिल्म कार्यक्रम में एंटी-चिट्टा जन आंदोलन पर लघु फिल्म और पर्यावरण जागरूकता प्रस्तुति भी दिखाई जाएगी। मुख्यमंत्री अपने संबोधन में नशामुक्त हिमाचल, युवा सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण पर विचार साझा करेंगे। सुबह 5:30 बजे प्रतिभागियों के पंजीकरण की जांच मैराथन को हरी झंडी दिखाने से पहले वार्मअप गतिविधियां, हिमाचल प्रदेश पुलिस ऑर्केस्ट्रा हार्मनी ऑफ द पाइन्स की प्रस्तुति तथा नशामुक्त एवं स्वच्छ पर्यावरण की शपथ का आयोजन किया गया। 10 किलोमीटर मिनी मैराथन सुबह 6:30 बजे और तीन किलोमीटर ड्रीम रन सुबह 6:40 पर शुरू हुई। मुख्य समारोह सुबह 9:30 बजे शुरू होगा, जिसमें पुलिस महानिदेशक, पर्यावरण विभाग के सचिव और जनगणना कार्य निदेशक संबोधित करेंगे। 10 किलोमीटर मिनी मैराथान विजेता को 51 हजार इनाम 10 किलोमीटर मिनी मैराथन पुरुष एवं महिला वर्ग के लिए आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रथम पुरस्कार 51 हजार, द्वितीय पुरस्कार 31 हजार रुपए और तृतीय पुरस्कार 21 हजार रुपए निर्धारित किया गया है। इसके अलावा तीन किलोमीटर ड्रीम रन में सभी वर्गों के प्रतिभागी भाग ले सकेंगे। इस श्रेणी में प्रथम पुरस्कार 21 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार 11 हजार रुपए और तृतीय पुरस्कार 5,100 रुपए रखा गया है।