हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई खुलकर सामने आ गई हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक नीरज भारती ने अपने पद से इस्तीफा देने के बाद उस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिसमें उनके पिता चंद्र कुमार कृषि मंत्री है। सियासी गलियारों में भारती के बीजेपी में जाने को लेकर चर्चाएं हो रही है। इन अटकलों पर नीरज भारती ने विराम लगाया है। दरअसल, उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद नीरज भारती ने वीरवार रात एक-दो नहीं, बल्कि 15 से भी अधिक सोशल मीडिया पोस्ट किए। इनके जरिए उन्होंने कांग्रेस सरकार और संगठन पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि हर महीने नोटों के पांच ब्रीफ केस इकट्ठे किए जाते हैं। इनमें से तीन ब्रीफ केस दिल्ली भेजे जाते हैं और दो खुद रखे जाते हैं। हालांकि, नीरज भारती ने यह क्लियर नहीं किया कि पैसे मंत्री, विधायक, अफसर या फिर कोई और इकट्ठे कर रहा है। कांग्रेस के लिए संघर्ष करने वाले को नहीं बनाया CM: नीरज नीरज भारती ने नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि जिस नेता ने भाजपा सरकार के दौरान कांग्रेस के लिए संघर्ष किया, उसे मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया। CM पद ऐसे व्यक्ति को दे दिया गया जो चुनाव के दौरान अपने विधानसभा क्षेत्र से बाहर तक सक्रिय नहीं था। सबसे ज्यादा चर्चा उनकी उस पोस्ट की हो रही है, जिसमें उन्होंने लिखा कि “अगर हिमाचल में कांग्रेस का बेड़ागर्क किसी ने किया है तो वो दो सुख हैं।” इसे मुख्यमंत्री सुक्खू और कांग्रेस संगठन के एक अन्य नेता पर सीधा राजनीतिक हमला माना जा रहा है। भाजपा में शामिल नहीं होऊंगा: नीरज भारती भारती ने यह भी स्पष्ट किया कि वह न तो भाजपा में शामिल होंगे और न ही किसी अन्य राजनीतिक दल में जाएंगे। उन्होंने लिखा कि वह “दलदल से आजादी” चाहते हैं। नीरज भारती द्वारा लगाए आरोपों पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व या राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इससे पहले भारती ने इस्तीफा दिया इससे पहले नीरज भारती ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार को अपना इस्तीफा भेजा। इसमें उन्होंने मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की कार्यशैली और संगठन-सरकार के बीच बढ़ती दूरियों पर गंभीर सवाल उठाए। अपने पत्र में भारती ने लिखा कि हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ संघर्ष करते हुए पार्टी को सत्ता में वापस लाने के लिए दिन-रात मेहनत की, लेकिन सरकार बनने के बाद उन समर्पित कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं को पूरा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में मेहनती और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को निराशा हाथ लगी है। हार्डकोर कांग्रेस कार्यकर्ता स्वयं को उपेक्षित: भारती नीरज भारती ने कहा कि अनेक निष्ठावान और हार्डकोर कांग्रेस कार्यकर्ता स्वयं को उपेक्षित, अनसुना और हाशिये पर महसूस कर रहे हैं। उनके अनुसार जिन कार्यकर्ताओं ने कठिन परिस्थितियों में पार्टी का झंडा उठाए रखा और कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, आज वही कार्यकर्ता खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। उन्होंने अपने इस्तीफे में सरकार और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती दूरी को चिंता का विषय बताते हुए कहा कि यही स्थिति कार्यकर्ताओं में निराशा और हताशा पैदा कर रही है। वर्तमान परिस्थितियों के साथ स्वयं को सामंजस्य स्थापित करने में असमर्थ बताते हुए उन्होंने संगठनात्मक दायित्व से अलग होने का निर्णय लिया है। नीरज भारती के सोशल मीडिया पोस्ट..