हिमाचल और पंजाब के लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर आ रही है। पिछले 46 महीनों से बंद पड़ी ऐतिहासिक पठानकोट-जोगिंदरनगर नैरोगेज (छोटी लाइन) रेल सेवा आज से दोबारा शुरू होने जा रही है। जिससे एक बार फिर पंजाब और हिमाचल रेलमार्ग से जुड़ जाएगा। इससे पहले पौने 4 साल के लिए हिमाचल प्रदेश की देश से रेलमार्ग से कनेक्टिविटी खत्म हो गई थी।
लेकिन, अब लंबे इंतजार और भारी जन-संघर्ष के बाद आखिरकार रेलवे विभाग ने इस रूट पर ट्रेनें दौड़ाने का अंतिम फैसला ले लिया है। जम्मू रेल मंडल ने इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर ट्रेनों के संचालन का नया शेड्यूल भी जारी कर दिया है। 46 महीनों से प्रभावित इस रेल मार्ग के दोबारा शुरू होने से दैनिक यात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों में खुशी की लहर है।
रेल सेवा बहाल होने से लोगों को सस्ती,सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प फिर से उपलब्ध हो सकेगा। रेलवे की ओर से जारी शेड्यूल के तहत पहले फेज में पठानकोट सिटी से 2 जोड़ी ट्रेनें चलाई जाएंगी। जबकि, बीच रास्ते से जोगिंदरनगर तक 3 जोड़ी और ट्रेनें चलाकर दैनिक यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा।
4 साल से सूना था पठानकोट-जोगिंदरनगर रेलखंड
बता दें, अगस्त 2023 में आई विनाशकारी बाढ़ के दौरान पंजाब और हिमाचल की सीमा पर स्थित ‘चक्की रेलवे पुल’ का एक बड़ा हिस्सा ताश के पत्तों की तरह ढह गया था। पुल टूटने के कारण इस पूरे इलाके का संपर्क कट गया था और ट्रेन सेवा पूरी तरह ठप हो गई थी। इस संकट को देखते हुए रेल मंत्रालय ने युद्ध स्तर पर काम किया और 70 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से एक नया और बेहद आधुनिक रेलवे पुल तैयार किया है। रेलवे के आला अधिकारियों द्वारा ट्रैक का कड़ा निरीक्षण और सफल ट्रायल रन पूरा होने के बाद अब आज से इस ट्रैक पर फिर से ट्रेन की छुक-छुक गूंजने वाली है।
70 करोड़ से तैयार हुआ नया पुल
रेल मंत्रालय ने इस रेल मार्ग की महत्ता को देखते हुए क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर लगभग 70 करोड़ रुपये की लागत से नया आधुनिक रेलवे पुल तैयार कराया है। पुल निर्माण कार्य पूरा होने के बाद रेलवे अधिकारियों ने ट्रैक का निरीक्षण, सुरक्षा परीक्षण और ट्रायल रन सफलतापूर्वक संपन्न किए। सभी तकनीकी मानकों पर खरा उतरने के बाद रेल सेवा बहाल करने का निर्णय लिया गया। व्यापार और पर्यटन को लगेंगे पंख
पठानकोट-जोगिंदरनगर नैरोगेज रेलमार्ग उत्तर भारत के सबसे खूबसूरत और ऐतिहासिक रेल मार्गों में गिना जाता है। यह ट्रेन कांगड़ा घाटी के मनमोहक दृश्यों, धौलाधार पर्वतमाला, हरे-भरे खेतों, सुरंगों और पहाड़ी क्षेत्रों से होकर गुजरती है। यही कारण है कि हर वर्ष देश-विदेशी से बड़ी संख्या में पर्यटक इस रेल यात्रा का आनंद लेने पहुंचते हैं। धौलाधार की खूबसूरत पहाड़ियों, वादियों और सुरंगों से होकर गुजरने वाला यह रेल मार्ग आकर्षण का केंद्र है। इस ट्रेन के दोबारा शुरू होने से न केवल आम यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों का सफर आसान होगा, बल्कि घाटे में चल रहे स्थानीय कारोबार और पर्यटन उद्योग को भी एक नया जीवनदान मिलेगा।
अनुराग ठाकुर करेंगे उद्धाटन
नैरोगेज रेल सेवा की ऐतिहासिक बहाली के लिए उत्तर रेलवे द्वारा कांगड़ा रेलवे स्टेशन पर उद्घाटन समारोह का आयोजन किया जा रहा है। ट्रेनों को दोबारा शुरू करने के अवसर पर सुबह 8:45 पर अनुराग ठाकुर (सांसद, लोकसभा), राजीव भारद्वाज (सांसद, लोकसभा) और पवन कुमार काजल (विधायक) ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यात्रियों को मिलेगी बेहद सस्ती यात्रा
ट्रेन सेवा शुरू होने से आम जनता को सबसे बड़ी राहत किराये के मोर्चे पर मिलेगी। बसों के मुकाबले ट्रेन का सफर 10 गुणा तक सस्ता है।
ये रही पूरे रेल खंड पर चलने वाली ट्रेनों की समय-सारिणी
पठानकोट से यह दो जोड़ी ट्रेनें चलेंगी:
पठानकोट से पहली ट्रेन (62465): सुबह 5:00 बजे चलेगी।
पठानकोट से दूसरी ट्रेन (52467): सुबह 7:00 बजे चलेगी।
बैजनाथ से पठानकोट के लिए:
बैजनाथ से पहली ट्रेन: दोपहर 2:15 बजे चलेगी।
बैजनाथ से दूसरी ट्रेन: दोपहर 3:45 बजे चलेगी।
नूरपुर से बैजनाथ के बीच:
नूरपुर से बैजनाथ के लिए: दोपहर 2:10 बजे रवाना होगी।
बैजनाथ से नूरपुर के लिए: दोपहर 12:10 बजे चलेगी।
ज्वालामुखी रोड से बैजनाथ के बीच:
ज्वालामुखी रोड से बैजनाथ के लिए: सुबह 9:30 बजे रवाना होगी।
बैजनाथ से ज्वालामुखी रोड के लिए: दोपहर 2:30 बजे रवाना होगी।
बैजनाथ से जोगिंदरनगर के बीच:
बैजनाथ से जोगिंदरनगर के लिए: सुबह 9:30 बजे रवाना होगी।
जोगिंदरनगर से बैजनाथ के लिए: दोपहर 12:50 बजे रवाना होगी किराया तुलना: बस बनाम ट्रेन ट्रेन का किराया बसों की तुलना में बेहद किफायती है, जिससे आम जनता की जेब पर बोझ कम होगा।