हिमाचल प्रदेश की सियासत के सबसे हॉट स्पॉट माने जाने वाले मंडी नगर निगम चुनाव के नतीजे आज घोषित किए जाएंगे। पिछले 14 दिनों से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) में बंद उम्मीदवारों का भाग्य और जनता का जनादेश आज पूरी तरह साफ हो जाएगा। जिला प्रशासन के मुताबिक, मतगणना आज सुबह ठीक 9:00 बजे ‘वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी’ के परीक्षा भवन में शुरू होगी। दोपहर तक नगर निगम की नई सरकार की तस्वीर और नए मेयर का चेहरा साफ होने की उम्मीद है। जिला परिषद और बीडीसी के नतीजे भी आज; पर निगम पर टिकीं नजरें आज का दिन मंडी जिले की ग्रामीण और शहरी दोनों तरह की राजनीति के लिए बेहद बड़ा है। नगर निगम के साथ-साथ आज जिला परिषद और पंचायत समिति (BDC) चुनावों की भी मतगणना एक साथ आयोजित की जा रही है। इसके बावजूद, राजनीतिक पंडितों और आम जनता के बीच सबसे ज्यादा उत्सुकता और धड़कनें मंडी नगर निगम के परिणामों को लेकर बढ़ी हुई हैं, क्योंकि इसे जिला मुख्यालय की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा है।
बेहना वार्ड में चुनाव न होने से बदला सत्ता का समीकरण मंडी नगर निगम में कुल 15 वार्ड हैं, लेकिन इस बार केवल 14 वार्डों में ही मतदान संपन्न हुआ है। ‘बेहना वार्ड’ में स्थानीय लोगों द्वारा किए गए तीखे विरोध और बहिष्कार के कारण चुनाव आयोजित नहीं हो सका। इस असाधारण स्थिति के चलते इस बार नगर निगम में बहुमत का जादुई आंकड़ा और सत्ता पर काबिज होने का पूरा गणित बदला हुआ नजर आ रहा है। दोनों ही प्रमुख दल (भाजपा और कांग्रेस) अपने-अपने स्तर पर जोड़-तोड़ की गणित में जुट गए हैं। भाजपा के सामने गढ़ बचाने की चुनौती, कांग्रेस की नजरें वापसी पर पिछले नगर निगम चुनाव के इतिहास पर नजर डालें, तो भाजपा ने यहां एकतरफा परचम लहराया था। पिछले चुनाव में भाजपा ने 15 में से 11 वार्डों पर बंपर जीत दर्ज की थी, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस महज 4 सीटों पर सिमट कर रह गई थी। हालांकि, इस बार राज्य की बदल चुकी राजनीतिक परिस्थितियों के कारण समीकरण पूरी तरह उलट चुके हैं। भाजपा जहां अपने इस मजबूत गढ़ को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है, वहीं कांग्रेस सत्ता में वापसी कर एक नया राजनीतिक संदेश देने की फिराक में है।
खलियार और भगवाहन में बागी बिगाड़ सकते हैं खेल इस चुनाव में मुख्य मुकाबला भले ही भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा (Direct) माना जा रहा हो, लेकिन कई सीटों पर पार्टी के भीतर हुई बगावत ने खेल को बेहद पेचीदा बना दिया है। टिकट न मिलने से नाराज दोनों ही दलों के कद्दावर नेताओं ने निर्दलीय (Independent) मैदान में उतरकर अपनी ही मूल पार्टियों के आधिकारिक उम्मीदवारों के लिए तगड़ी चुनौती खड़ी की है। विशेष रूप से खलियार और भगवाहन जैसे संवेदनशील वार्डों में बागी उम्मीदवार किंगमेकर की भूमिका में आ गए हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय और बेहद रोमांचक हो गया है। तीन चरणों में होगी मतगणना; सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतगणना प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए परीक्षा भवन के भीतर और बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पूरी मतगणना कुल तीन चरणों (Three Phases) में संपन्न होगी। हर चरण के बाद वार्डवार रुझान और चुनावी तस्वीर साफ होती जाएगी। आज के नतीजे न केवल मंडी नगर निगम की आगामी पांच साल की दिशा तय करेंगे, बल्कि यह भी साबित कर देंगे कि बागियों में कितनी राजनीतिक ताकत थी।