हिमाचल प्रदेश में इन दिनों जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सर्वाधिक मामले मंडी जिले में सामने आए हैं, जहां अब तक लगभग 70 आगजनी की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। इन घटनाओं से लाखों रुपये की वन संपदा को नुकसान पहुंचा है और एक बड़ा वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। सबसे अधिक आग की घटनाएं जोगिंद्रनगर वन मंडल में दर्ज की गई हैं। यहां करीब 30 घटनाओं में लगभग 11 हेक्टेयर प्लांटेशन क्षेत्र और कुल 226 हेक्टेयर वन क्षेत्र आग की चपेट में आया है। वहीं, मंडी वन मंडल में 27 घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें 27 हेक्टेयर प्लांटेशन क्षेत्र प्रभावित हुआ। इसके अतिरिक्त, सुकेत वन मंडल में 7 और करसोग में 4 आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। लोगों का आग बुझाने में सहयोग ले रहा विभाग डीएफओ मंडी वासु डोगरा ने बताया कि वन विभाग की टीमों ने अधिकांश स्थानों पर आग पर काबू पा लिया है। उन्होंने कहा कि आग बुझाने के कार्य में वन कर्मचारियों के साथ स्थानीय लोग भी सहयोग कर रहे हैं। विभाग लोगों को लगातार जागरूक करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन कुछ शरारती तत्व जानबूझकर जंगलों में आग लगा रहे हैं। कई बार लोगों की लापरवाही भी आग का कारण बन रही है। पकड़े जाने पर होगी सख्त कार्रवाई: डीएफओ डीएफओ ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति जंगल में आग लगाते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जंगलों को आग से बचाने में प्रशासन और वन विभाग का सहयोग करें।

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