भारत और चीन सीमा पर स्थित ऐतिहासिक शिपकी लॉ दर्रे के माध्यम से सीमा व्यापार (बॉर्डर ट्रेड) को फिर से शुरू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। विदेश मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद, किन्नौर जिला प्रशासन ने आगामी व्यापार सत्र के लिए अपनी सभी रणनीतिक तैयारियां पूरी कर ली हैं। किन्नौर के डीसी और सह-व्यापार प्राधिकरण, डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि भारत-चीन बॉर्डर ट्रेड आगामी 1 जून से फिर शुरू होगा। इस व्यापार सत्र के लिए प्रशासन को अब तक लगभग 55 व्यापारियों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन सभी आवेदनों को सुरक्षा मंजूरी के लिए भेजा गया है, जिसके मिलते ही व्यापारियों को ट्रेड और ट्रैवल पास जारी कर दिए जाएंगे। व्यापारियों की सुविधा और उन्हें नियमों की बेहतर जानकारी देने के लिए जून के पहले सप्ताह में एक विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी। वाणिज्य मंत्रालय, कस्टम विभाग और विदेश व्यापार महानिदेशक के माध्यम से होने वाली यह कार्यशाला ऑनलाइन या ऑफलाइन मोड में आयोजित होगी। इसका मुख्य उद्देश्य विक्रेताओं को आयात और निर्यात की जाने वाली वस्तुओं व नियमों की सटीक जानकारी देना है, ताकि वे स्थानीय अर्थव्यवस्था को और मजबूत कर सकें। दोनों देशों के बीच वस्तुओं की सूची भी तय इस द्विपक्षीय सीमा व्यापार के तहत दोनों देशों के बीच वस्तुओं की सूची भी तय कर ली गई है। इसके तहत भारत की ओर से करीब 36 वस्तुओं का निर्यात किया जाएगा, जबकि चीन अधिकृत तिब्बत से 20 वस्तुएं आयात की जाएंगी। इस व्यापार के शुरू होने से सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह वस्तुएं होंगी आयात आयात की जाने वाली वस्तुओं में ऊन, रेडीमेड कपड़े, जूते, बकरी का पशम, बकरी की खाल, भेड़ की खाल, याक की पूंछ, बकरियां, भेड़ें, याक के बाल, घोड़ा, नमक, सुहागा (बोरेक्स), साइबेल्याईट, चाइना क्ले, मक्खन, सिल्क, रजाई और कंबल, कालीन/गलीचे तथा स्थानीय हर्बल दवाएं शामिल हैं। यह आइटम की जाएंगी भारत से निर्यात भारत से निर्यात की जाने वाली वस्तुओं की सूची में कृषि इनपुट, चावल, जौ, आटा, गेहूं, कुट्टू, कॉफी, चाय, फल, सूखे मेवे, सूखी और ताजी सब्जियां, प्रसंस्कृत व डिब्बाबंद भोजन, वनस्पति तेल, गुड़, मिसरी, मसाले शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, कपड़ा, परिधान, हथकरघा उत्पाद, रंग, रेडीमेड गारमेंट्स, कंबल, हस्तशिल्प, इंजीनियरिंग घरेलू सामान, साइकिल, घड़ियां, जूते, स्टेशनरी, लेख, बर्तन, तांबे के उत्पाद, रसायन, तंबाकू उत्पाद, केरोसिन ऑयल, नसवार, स्थानीय जड़ी-बूटियां, फूल, मनके/माला, प्रार्थना चक्र, अगरबत्ती और मक्खन के दीये भी निर्यात किए जाएंगे।

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