हिमाचल प्रदेश की 1258 पंचायतों में पहले चरण की वोटिंग 26 मई को होने जा रही है। इसके लिए आज दोपहर बाद 3 बजे चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा। इन पंचायतों में अगले 48 घंटे तक ड्राई-डे रहेगा। इस दौरान शराब के ठेके, बीयर बार और शराब परोसने वाले होटल भी बंद रखने होंगे। स्टेट इलेक्शन कमीशन के निर्देशों पर सभी डीसी और एसडीएम ने इसे लेकर आदेश जारी कर दिए हैं। इन आदेशों के मुताबिक, चुनाव प्रचार थमने के बाद प्रत्याशी जनसभा, रैली, जुलूस और सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं कर सकेंगे। साथ ही सिनेमा, टेलीविजन अथवा अन्य माध्यमों से चुनाव प्रचार, संगीत कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन अथवा मनोरंजन कार्यक्रमों के जरिए मतदाताओं को प्रभावित भी नहीं किया जा सकेगा। हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज एक्ट के तहत मतदान समाप्ति से 48 घंटे पहले सार्वजनिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, ताकि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराए जा सकें। कुछ पोलिंग पार्टियां आज मतदान केंद्रों के लिए रवाना होंगी पहले चरण में होने वाले मतदान के लिए दुर्गम क्षेत्रों के मतदान केंद्रों को कुछ पोलिंग पार्टियां आज ही मतपेटी और चुनाव सामग्री के साथ रवाना की जा सकती हैं, जबकि अधिकतर पोलिंग पार्टियां कल सुबह मतदान केंद्रों के लिए रवाना होंगी, ताकि शाम तक सभी पोलिंग बूथ मतदान के लिए तैयार किए जा सकें। 26 मई को सुबह 7 बजे मतदान शुरू होगा, जो दोपहर 3 बजे तक चलेगा। पांच पदों के लिए हो रहे पंचायत चुनाव पंचायत चुनाव पांच पदों- प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य, बीडीसी और जिला परिषद—के लिए हो रहे हैं। यानी प्रत्येक मतदाता पांच वोट डालेगा। मतदान खत्म होने के कुछ देर बाद प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य के मतों की गणना पंचायत भवन में होगी। शाम तक इनके परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे। बीडीसी और जिला परिषद के मतों की गणना 31 मई को की जाएगी। इसलिए इनकी मतपेटियां स्ट्रॉन्ग रूम में रखी जाएंगी। पांच रंग के मतपत्र तय पंचायत चुनाव के लिए इलेक्शन कमीशन ने अलग-अलग रंग के मतपत्र निर्धारित किए गए हैं। वार्ड मेंबर के लिए सफेद रंग का मतपत्र, उप प्रधान के लिए पीले रंग, प्रधान के लिए हल्के हरे रंग, पंचायत समिति सदस्य के लिए गुलाबी और जिल परिषद सदस्य के लिए नीले रंग का मतपत्र निर्धारित किया गया है। 1258 पंचायतों में 26 मई, 1170 पंचायतों में 28 मई को मतदान राज्य की 1258 पंचायतों में 26 मई और 1170 पंचायतों में 28 मई को मतदान होगा। 31 मई को बीडीसी और जिला परिषद की मतगणना के साथ चुनाव प्रक्रिया पूरी होगी। राज्य में 131 पंचायतें निर्विरोध चुनी जा चुकी हैं। इन पंचायतों में प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।

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