देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 10 दिन के भीतर तीसरी बार बढ़ौतरी हुई है। इस बार पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर बढ़ा है। शिमला में पेट्रोल 100 रुपए पार हो गया है। आज से शिमला में पेट्रोल 100 रुपए 14 पैसे प्रति लीटर और डीजल 92 रुपए 17 पैसे प्रति लीटर हो गया है। हमीरपुर के सुजानपुर में पेट्रोल 99.96 और डीजल 90.44 रुपए, लुहरी में पेट्रोल 100.01 रुपए व डीजल 92 रुपए, मंडी में पेट्रोल 99.06 रुपए व डीजल 91.42 रुपए, ऊना में पेट्रोल 97.08 रुपए व 89.78 रुपए प्रति लीटर हो गया है। तेल कंपनियों के इस फैसले का असर जनता पर पड़ना तय है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा। बसों के साथ मलाभाड़े पर भी इसका असर पड़ना तय है। इससे खाद्य वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ेगी। जानकारों की मानें तो अभी और भी रेट बढ़ सकता है। पहले 3 रुपए, फिर 90 पैसे रेट बढ़ाए जा चुके यह 10 दिन में ईंधन की कीमतों में तीसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले इसी हफ्ते पेट्रोल और डीजल के दामों में एवरेज 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं, उसके कुछ दिन पहले भी कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर का इजाफा किया गया था। कीमतें बढ़ने से क्या असर पड़ेगा? मालभाड़ा बढ़ेगा: ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ जाएगा, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो जाएंगे। सेब बागवानों पर पड़ेगी मार: राज्य में अगले महीने सेब सीजन भी शुरू होने जा रहा है। इससे सेब की ढुलाई महंगी होगी। बागवानों पर इसकी मार पड़नी तय है। प्रदेश की सबसे बड़ी बद्दी की ट्रक यूनियन चार दिन पहले ही माल भाड़ा बढ़ा चुकी है। रेत, बजरी, सीमेंट, सरिया इत्यादि इत्यादि की कीमतों में भी उछाल आया है। पहाड़ों पर इससे घर बनाना मुश्किल हो गया है। खेती की लागत: ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज की लागत बढ़ेगी। बस-ऑटो का किराया: सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी? इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।