पंजाब, हिमाचल और जम्मू कश्मीर से दिल्ली जाने वाले लोगों के लिए सफर अब आसान होने जा रहा है। अब उन्हें चंडीगढ़ और डेराबस्सी के जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। केंद्र सरकार की तरफ से बनाए जा रहे अंबाला-चंडीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे का काम अब रफ्तार पकड़ चुका है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद अंबाला से मोहाली तक का सफर करीब 40 से 50 मिनट में पूरा हो सकेगा। सड़क के लिए कुछ हिस्सा रहता है। मोहाली के डेराबस्सी इलाके में जमीन अधिग्रहण की नई अधिसूचना जारी की गई है। इसमें छरबड़ और सलेमपुर उर्फ नंगल गांवों की जमीन शामिल है। यह जमीन हाईवे के 5.95 किलोमीटर से 25.5 किलोमीटर हिस्से के निर्माण में इस्तेमाल होगी। प्रोजेक्ट पूरा होने पर रोजाना करीब 80 हजार वाहन चालकों को सीधा फायदा मिलेगा। सरकार का लक्ष्य इस प्रोजेक्ट को इसी साल के अंत तक पूरा करना है। अब प्रोजेक्ट को 3 पॉइंटों में समझें… अब तो शिमला जाना भी आसान होगा
फरवरी 2026 में सरकार ने एक नया 10.3 किमी लंबा 6-लेन लिंक रोड मंजूर किया है। इसके लिए करीब ₹1,463.95 करोड़ का बजट रखा गया है। इस नए रोड का काम यह होगा कि NH-205A को सीधे जीरकपुर बाईपास से जोड़ देगा। इससे चंडीगढ़ और पंचकूला जाने वाले वाहनों को शहर के ट्रैफिक में नहीं फंसना पड़ेगा और सफर आसान हो जाएगा। 4.12 करोड़ तक मुआवजा दिया गया
जानकारी के मुताबिक जब नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया जमीन एक्वायर कर रही थी, उस समय सरकार कुछ गांवों में जमीन के लिए बहुत कम पैसा दे रही थी। प्रति एकड़ ₹24 लाख दिए गए। लेकिन इसका विरोध शुरू हो गया। फिर इसे बढ़ाकर करीब ₹1 करोड़ से ₹1.09 करोड़ प्रति एकड़ कर दिया गया। कुछ खास और प्राइम लोकेशन वाली जमीन, जैसे एयरपोर्ट रोड या मुख्य सड़क के पास, वहां मुआवजा और भी ज्यादा है और यह ₹4.12 करोड़ प्रति एकड़ तक पहुंच गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने लगभग ₹643 करोड़ का बजट रखा था। इसमें से 80% से ज्यादा पैसा किसानों और जमीन मालिकों को पहले ही दे दिया गया है। अब तक चलते यह दो हाईवे 1. अब तक मोहाली से अंबाला जाने के दो मार्ग हैं। पहला जीरकपुर–डेराबस्सी रास्ता (पुराना रूट) है। यह सबसे सीधा और ज्यादा इस्तेमाल होने वाला रास्ता है। दूरी 40 से 45 किमी है और समय 1 से डेढ़ घंटा लगता है। जीरकपुर और डेराबस्सी में अकसर जाम लगता है, इसलिए देरी हो जाती है। 2. बनूड़ से राजपुरा रास्ता एक वैकल्पिक रास्ता है। यह जाम से बचने वाला रास्ता है। दूरी करीब 50–55 किमी (थोड़ा लंबा) है और समय करीब 1 घंटा है।