धर्मशाला के ‌BJP विधायक एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने सुक्खू सरकार पर धर्मशाला नगर निगम चुनावों में घटिया हथकंडे अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। शनिवार को जारी एक बयान में, शर्मा ने कहा कि कांग्रेस इस वक्त एक डूबते जहाज पर सवार है और अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए जनता को बरगलाने की कोशिश कर रही है। सुधीर ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सुक्खू जानते हैं कि जनता ने इस सरकार को हटाने का मन बना लिया है। शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार का साढ़े तीन वर्ष का कार्यकाल धर्मशाला की जनता के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से प्रदेश का हर वर्ग प्रभावित हुआ है, जिससे जनता में असंतोष है। भाजपा विधायक ने सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार खजाना खाली होने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर पिछले साढ़े तीन वर्षों में 45 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज लिया गया है। इससे प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ बढ़कर 1.10 लाख करोड़ रुपये हो गया है। बिना पैसे के कैसे होगा विकास शर्मा ने सवाल उठाया कि यदि विकास कार्यों के लिए धन नहीं है, तो नगर निगमों का विकास कैसे होगा। शर्मा ने यह भी कहा कि चुनाव के समय दी गई गारंटियों को पूरा न करने से जनता ठगा हुआ महसूस कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर जनता को गुमराह करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। धर्मशाला का विकास को पूरी तरह ठप सुधीर शर्मा ने सरकार की नाकामियों को उजागर करते हुए कहा कि सुक्खू सरकार ने धर्मशाला के विकास को पूरी तरह ठप कर दिया है, जिससे यहां के मुख्य आधार यानी पर्यटन उद्योग की कमर टूट गई है। इसके साथ ही प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है, भ्रष्टाचार चरम पर है और आम लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि आज सिर्फ आम जनता ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के अपने विधायक और मंत्री भी अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली से बेहद दुखी हैं। यही वजह है कि चुनाव प्रभावित करने के लिए कांग्रेस अब जनता को तरह-तरह के प्रलोभन दे रही है, क्योंकि मुख्यमंत्री को अपनी हार का पूरी तरह आभास हो चुका है।

Spread the love