हिमाचल सरकार ने कमर्शियल और प्राइवेट संस्थानों पर बिजली सेस लगाने का फैसला लिया है। एनर्जी डिपार्टमेंट द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार- 10 श्रेणियों के बिजली उपभोक्ताओं से ₹1 प्रति यूनिट की दर से अतिरिक्त सेस वसूला जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। एनर्जी डिपार्टमेंट ने स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड को नए आदेशों के हिसाब से बिजली बिल वसूली के निर्देश दिए है। इन आदेशों के मुताबिक- बिजनेस हाउस, प्राइवेट ऑफिस, प्राइवेट हॉस्पिटल, पेट्रोल पंप, होटल-मोटल, प्राइवेट नर्सिंग होम, निजी शोध संस्थान, कोचिंग संस्थान, शॉपिंग मॉल और मल्टीप्लेक्स इत्यादि को अतिरिक्त सेस चुकाना होगा। एक हजार यूनिट पर 1000 अतिरिक्त खर्च इन सभी उपभोक्ताओं पर ₹1 प्रति यूनिट अतिरिक्त सेस लगाया गया है। आसान शब्दों में समझे तो अभी एक हजार यूनिट बिजली खर्च करने वालों का बिल यदि 6 हजार रुपए आता है तो अब उन्हें 6 की जगह सात हजार रुपए देने होंगे। कमर्शियल और प्राइवेट संस्थानों में बिजली खर्च बढ़ेगा नया सेस लागू होने के बाद व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और निजी संस्थानों पर बिजली खर्च बढ़ेगा। प्राइवेट संस्थान भी इसका बोझ आखिर में जनता से ही वसूलेंगे। इससे सेस का असर अप्रत्यक्ष तौर पे जनता पर ही पड़ने वाला है और सरकार के इस फैसले को झटके के तौर पर देखा जा रहा है। इन घरेलू उपभोक्ताओं पर पहले ही मार पड़नी शुरू हुई घरेलू उपभोक्ताओं पर पहले ही महंगी बिजली की मार पड़नी शुरू हो गई है। 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा करके सत्ता में आई कांग्रेस सरकार ने 125 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने पर सब्सिडी खत्म कर दी है। अब 125 यूनिट से अधिक बिजली खर्च करने पर सब्सिडी केवल दो मीटर पर ही मिल रही है। इसका ज्यादा नुकसान शहरी क्षेत्रों में किराए के कमरों में रह रहे लोगों को हो रहा है, क्योंकि जिन दो मीटर पर सब्सिडी मिल रही है, उनकी सब्सिडी मकान खुद ले रहे हैं। किराएदारों को पूरे दाम पर बिजली के बिल चुकाने पड़ रहे हैं।

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