धर्मशाला में पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने प्रदेश की सुक्खू सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने सरकार को ‘फैसले लो और पलटो’ वाली सरकार बताया और कहा कि कांग्रेस शासन में नीतिगत स्पष्टता का अभाव है, जिससे सरकार की विश्वसनीयता घटी है। बिक्रम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का नेतृत्व कमजोर साबित हुआ है, जिसके कारण हिमाचल प्रदेश की पूरे देश में बदनामी हो रही है। पूर्व मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हिमाचल को ‘प्रयोगों की प्रयोगशाला’ बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना ठोस योजना के जनविरोधी निर्णय थोपती है। बिक्रम ठाकुर ने बिजली सब्सिडी खत्म करने, बाहरी राज्यों के वाहनों पर टैक्स बढ़ाने और सरकारी संपत्तियों के किराए में इजाफे जैसे फैसलों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि सरकार पहले आर्थिक बोझ डालती है और विरोध होने पर पीछे हट जाती है। सरकार में दूरदर्शिता की कमी बिक्रम ठाकुर ने मुख्यमंत्री की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सरकार में दूरदर्शिता की कमी बताई। उन्होंने दावा किया कि प्रशासनिक अधिकारी भी भ्रमित हैं कि कौन सा आदेश स्थायी है और कौन सा पलट जाएगा। इस अनिश्चितता के माहौल से प्रदेश में निवेश के रास्ते बंद हो गए हैं, जिससे रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं। गलतियों से सबक नहीं ले रही सरकार भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस सरकार अपनी गलतियों से सबक नहीं ले रही है। अव्यवहारिक फैसलों से प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदेश की जनता स्थिरता और पारदर्शिता चाहती है और कांग्रेस के इस ‘दिशाहीन शासन’ को आने वाले समय में जवाब देगी। बिक्रम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि भाजपा प्रदेश हित में इस अस्थिरता के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।