शिमला में कमला नेहरू अस्पताल (KNH) से गायनी ओपीडी को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में स्थानांतरित करने के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। बुधवार को अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति के तत्वावधान में सैकड़ों महिलाओं ने अस्पताल परिसर में 24 घंटे का धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि गायनी ओपीडी और प्रसूति सेवाओं को अलग-अलग स्थानों पर संचालित करना अव्यावहारिक है। इससे विशेषकर गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। दूरदराज से आने वाली महिलाओं को एक विभाग से दूसरे विभाग तक भटकना पड़ सकता है, जो आपातकालीन स्थितियों में जोखिम भरा हो सकता है। निर्णय वापस नहीं लिया तो विरोध होगा तेज प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने यह निर्णय जल्द वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि 30 अप्रैल को आईजीएमसी के बाहर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यदि इसके बाद भी उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन छेड़ते हुए सचिवालय कूच किया जाएगा। महिलाओं ने यह भी कहा कि यह फैसला जमीनी हकीकत से परे है और इससे स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी। उन्होंने सरकार को आगाह किया कि महिलाओं की सुविधाओं से किसी भी कीमत पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गायनी और प्रसूति सेवाएं एक ही जगह मिले अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य सचिव फालमा चौहान ने कहा, “गायनी और प्रसूति सेवाएं एक-दूसरे की पूरक हैं। इन्हें अलग करना महिलाओं के साथ अन्याय है। सरकार को तुरंत यह फैसला वापस लेना चाहिए, अन्यथा हम प्रदेशव्यापी आंदोलन करेंगे और जरूरत पड़ने पर सचिवालय का घेराव भी करेंगे।”

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