हिमाचल के जिले चंबा की मणिमहेश डल झील और कैलाश क्षेत्र इन दिनों बर्फ की मोटी चादर से ढका हुआ है। पवित्र डल झील पूरी तरह जम चुकी है। इससे आसपास की दुकानें तथा अस्थायी शेड भी बर्फ में दबे हुए हैं। भारी बर्फबारी के कारण प्रशासन ने फिलहाल मणिमहेश यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। स्थानीय लोगों द्वारा मौके पर बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें पूरे क्षेत्र में हुई भारी बर्फबारी के बाद की गंभीर स्थिति स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। मार्च और अप्रैल में हुई भारी बर्फबारी के चलते हालात अभी भी बेहद जोखिम भरे बने हुए हैं। उत्तर भारत की सबसे पवित्र धार्मिक यात्राओं में से एक मणिमहेश यात्रा मणिमहेश यात्रा को उत्तर भारत की सबसे पवित्र धार्मिक यात्राओं में से एक माना जाता है। यह हर वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी से लेकर राधा अष्टमी तक आयोजित होती है। इस दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पवित्र झील में स्नान कर भगवान शिव के दर्शन करने आते हैं। यह यात्रा स्थानीय सैकड़ों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान करती है। स्थानीय लोग पिछले कई सालों से इस यात्रा की अवधि बढ़ाने की भी मांग कर रहे हैं, क्योंकि पड़ोसी राज्य पंजाब के श्रद्धालु मई महीने में ही यहां आना शुरू कर देते हैं। खराब मौसम से होते हैं हादसे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियात के तौर पर मणिमहेश की ओर जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। गौरतलब है कि अतीत में भी खराब मौसम के कारण हादसे हो चुके हैं। कुछ वर्ष पहले शिवरात्रि के दौरान चंबा के दो युवक ग्लेशियर की चपेट में आने से अपनी जान गंवा चुके थे। ऐसे में प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम के पूरी तरह अनुकूल होने तक यात्रा का प्रयास न करें। आमतौर पर स्थानीय लोग जून-जुलाई में धन्छो से लेकर मणिमहेश तक दुकानें खोलना शुरू कर देते हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए इस बार यात्रा शुरू होने में देरी की संभावना जताई जा रही है।