हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सराज के थुनाग में महिलाओं के साथ एक विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने डीजीपी पत्र मामले में भी प्रदेश सरकार को घेरा। ठाकुर ने कहा कि इस अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने अपनी महिला विरोधी मानसिकता उजागर की है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस एक परिवार तक सीमित हो गई है और देश की अन्य प्रतिभावान महिलाओं को आगे नहीं आने देना चाहती। विपक्ष ने संकीर्ण राजनीतिक सोच का परिचय दिया जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकार देने के बजाय विपक्ष ने संकीर्ण राजनीतिक सोच का परिचय दिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने महिला आरक्षण का विरोध करने के बाद विपक्षी दलों द्वारा जश्न मनाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। थुनाग में आयोजित इस प्रदर्शन के माध्यम से क्षेत्र की महिलाओं ने कांग्रेस के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के बाद जयराम ठाकुर ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर आगामी रणनीति पर चर्चा की। प्रदेश में कानून व्यवस्था की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर जताई चिंता इस दौरान जयराम ठाकुर ने सोशल मीडिया पर वायरल डीजीपी के खिलाफ पत्र को लेकर भी प्रदेश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि प्रशासन में आखिर क्या चल रहा है, जहां उच्च अधिकारी ही एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले पर सरकार की चुप्पी चिंताजनक है और प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया अंत में, जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई-3) की समय सीमा 31 मार्च 2028 तक बढ़ाने और बजट में 3727 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों में अधूरे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी।

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