हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) से गायनी ओपीडी को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में शिफ्ट करने के सरकारी फैसले का जबरदस्त विरोध हो रहा है। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने सोमवार को सरकार के फैसले के खिलाफ केएनएच परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। वहीं भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल इसी मामले में हिमाचल के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता से मिलने लोकभवन पहुंचा और उन्हें ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने KNH अस्पताल की गायनी OPD को IGMC में शिफ्ट करने के प्रस्ताव और शहर की सड़कों पर पास शुल्क में बढ़ोतरी का विरोध किया। सरकार को निर्णय वापस लेने के निर्देश देने की मांग
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि KNH जो वर्षों से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र रहा है, उसकी सेवाओं को स्थानांतरित करना अव्यवहारिक है। इसके अलावा, भाजपा ने शिमला की प्रतिबंधित और वर्जित सड़कों के पास शुल्क में 5 गुना बढ़ोतरी को जनविरोधी बताते हुए कहा कि इससे आम जनता, व्यापारियों और कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। पार्टी ने राज्यपाल से दोनों मामलों में हस्तक्षेप कर सरकार को निर्णय वापस लेने के निर्देश देने की मांग की है। महिला समिति ने फैसला वापस लेने की चेतावनी दी
जनवादी महिला समिति ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। समिति की राज्य महासचिव फालमा चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार का यह कदम महिलाओं के हितों के विरुद्ध है। लगभग 100 साल पुराने इस अस्पताल को आईजीएमसी में स्थानांतरित करने से न केवल इसकी ऐतिहासिक पहचान प्रभावित होगी, बल्कि महिलाओं की स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी असर पड़ेगा। एक छत्त के नीचे मिलने वाली सुविधाएं छीन रही सरकार: फालमा
फालमा चौहान ने कहा कि आईजीएमसी पहले से ही अत्यधिक भीड़भाड़ वाला अस्पताल है, जहां महिला अस्पताल की सेवाएं ले जाने से मरीजों की मुश्किलें बढ़ेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस स्थान का उपयोग अन्य उद्देश्यों के लिए करना चाहती है। उन्होंने यह भी बताया कि केएनएच में महिलाओं को एक ही छत के नीचे सभी आवश्यक सुविधाएं मिलती थीं, जिससे उन्हें बेहतर उपचार प्राप्त होता था। इन सेवाओं के स्थानांतरण से महिलाओं को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। महिला समिति ने सभी लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की
महिला समिति ने प्रदेश की सभी महिलाओं और आम जनता से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। समिति ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा और भविष्य में इसे और व्यापक बनाया जाएगा। आईजीएमसी में पहले ही मरीजों की भारी भीड़
बता दें कि KNH गायनी का प्रदेश का सबसे बड़ा अस्पताल है। राज्य सरकार ने यहां से गायनी की ओपीडी IGMC शिफ्ट करने का फैसला लिया है, जहां पहले ही मरीजों की रोजाना ओपीडी 3000 से ज्यादा की है। ऐसे में गायनी अस्पताल की ओपीडी शिफ्ट होने से आईजीएमसी पर दबाव और बढ़ेगा। इसी वजह से लोग इसका विरोध कर रहे हैं।