हिमाचल के राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने किन्नौर जिले के पूह उपमंडल की ग्राम पंचायत मूरंग में आयोजित ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम में पहुंचे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश सहित जनजातीय जिला किन्नौर के लोगों को उनके घर-द्वार पर सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम लोगों को सरकार की विभिन्न जन-कल्याणकारी नीतियों व योजनाओं से अवगत कराने और उन्हें लाभान्वित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसका मुख्य लक्ष्य विभिन्न विभागों के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं को प्रदान कर नागरिकों को चिंतामुक्त और बेहतर जीवनशैली देना है। मंत्री ने सुनी जन समस्याएं, समाधान के निर्देश कार्यक्रम के दौरान राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने मूरंग तहसील और आसपास की विभिन्न पंचायतों के लोगों की जन-समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने प्राप्त हुई अन्य मांगों को भी चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का आश्वासन दिया। आयोजित कार्यक्रम में कुल 36 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 19 का मौके पर ही निपटान कर दिया गया। शेष 17 शिकायतों का शीघ्र निपटान करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए। इस अवसर पर 12 सरकारी विभागों द्वारा विभागीय प्रदर्शनियां भी लगाई गईं, जिनके माध्यम से आम जनता को चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी गई। जगत सिंह बोले- उपेक्षित वर्गों को दिए जा रहे भूमि के पट्टे बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सहित जनजातीय क्षेत्रों के उपेक्षित वर्ग को सशक्त बनाने के लिए वन अधिकार अधिनियम-2006 के तहत लोगों को भू-पट्टे प्रदान कर मालिकाना हक दिया जा रहा है, ताकि निर्धन व उपेक्षित वर्गों का उत्थान संभव हो सके।