शिमला जिले के रामपुर के भड़ावली पंचायत के ग्रामीणों ने राजपुरा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट द्वारा जमीन अधिग्रहण का विरोध किया है। गुरुवार को ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने 4 बजे एसडीएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और अपनी आपत्तियां दर्ज करवाईं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रोजेक्ट प्रबंधन स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी कर रहा है। जिस जमीन को लगभग 40 वर्षों के लिए अधिग्रहित किया जा रहा है, वह पंचायत के सीमित चारागाहों का हिस्सा है। इन चारागाहों पर ग्रामीणों के पशुधन जैसे भेड़-बकरियां निर्भर हैं, जो उनकी आजीविका का मुख्य आधार है। प्रोजेक्ट प्रबंधन ने चारागाह क्षेत्रों में पशु चराने से रोका ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रोजेक्ट प्रबंधन ने उन्हें इन चारागाह क्षेत्रों में पशु चराने से रोक दिया है। इसके अतिरिक्त, कुछ किसानों की क्यारियों और सिंचाई नहरों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे उनकी खेती-बाड़ी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों को जोड़ने वाले रास्ते भी बंद कर दिए गए हैं, जिससे आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। पूर्व उप प्रधान दिनेश खमराल ने बताया कि अधिग्रहित भूमि में कई ग्रामीणों के चारागाह और खेत शामिल हैं, लेकिन प्रबंधन ने उन तक पहुंचने के रास्ते पूरी तरह बंद कर दिए हैं। इस अवसर पर पूर्व प्रधान देवेंद्र चौहान, ग्राम सुधार समिति के प्रधान तिलक राज, संजय कायत, राजेश चौहान, रोनू चौहान, बलवीर महेता, राकेश कुमार, जीतेंद्र महेता, अनु कौशल, पृथ्वी राज, फकीर चंद और मनीष आजाद सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।