हिमाचल की राजधानी शिमला में आज सुबह उस समय हंगामा हो गया जब पुलिस ने कांग्रेस नेता युद्धवीर सिंह बैंस को सड़क पर रोक लिया। बताया जा रहा है कि बैंस अपनी गाड़ी से किसी जरूरी काम से जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें बीच सड़क पर रुकने को कहा। इसके बाद बैंस ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और मौके पर ही सवाल उठाने लगे कि आखिर उन्हें किस आधार पर रोका गया है। पुलिस कर्मियों ने जवाब में कहा कि उन्हें ‘ऊपर से आदेश’ मिले हैं। इस पर बैंस ने आरोप लगाया कि उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ ईडी को शिकायत दे रखी है, जिसके चलते उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और पुलिस उन्हें अगवा करना चाहती है। मौके पर मौजूद लोगों को पुलिस ने जब वहां से जाने को कहा तो बैंस ने कहा- मत जाओ, ये लोग मेरा मर्डर कर देंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अस्पताल जाना है क्योंकि उनकी तबीयत ठीक नहीं है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें रोका गया। युद्धवीर बैंस ने बाद में अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए प्रदेश सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि प्रदेश के मुखिया के ‘फरमान’ पर शिमला पुलिस द्वारा उन्हें अगवा करने की कोशिश की गई। पुलिस पर पीछा करने का आरोप बैंस ने अपने पोस्ट में दावा किया कि उन्हें हिमाचल हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 7 अप्रैल को हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद से ही पुलिस उनका पीछा कर रही थी और उन्हें उनके वकील के चैंबर के बाहर तथा कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय के बाहर रोका गया। इसके अलावा, बैंस ने 8 अप्रैल को उस होटल में भी पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने का आरोप लगाया, जहां उनका बेटा और वकील ठहरे हुए थे। उन्होंने कहा कि यह सब राजधानी शिमला में हो रहा है, जो चिंताजनक है। वहीं इस मामले में अब तक पुलिस का अधिकारिक बयान नहीं आया है।