हिमाचल प्रदेश में भ्रष्टाचार से जुड़े एक बड़े मामले में CBI ने एफआईआर दर्ज की है। शिमला स्थित एंटी करप्शन ब्रांच ने प्रारंभिक जांच में रिश्वत की पुष्टि के बाद यह कार्रवाई की है। यह मामला निजी कंसल्टेंट सीमा राजपूत के खिलाफ दर्ज किया गया, जबकि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) प्रोजेक्ट डायरेक्टर की भूमिका की जांच जारी है। दरअसल, पठानकोट-मंडी सड़क पर पेट्रोल पंप चलाने वाले नूरपुर निवासी ईशान डिंगरा ने CBI को शिकायत दी थी। इसमें आरोप लगाया कि उनके पेट्रोल पंप को नेशनल हाईवे से जोड़ने के लिए अंतिम NOC जारी करने के बदले 10 लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई। ईशान डिंगरा ने 9 फरवरी 2026 को सीबीआई, शिमला को दी गई शिकायत में बताया कि उन्हें दिसंबर 2020 में नायरा एनर्जी लिमिटेड से पेट्रोल पंप की डीलरशिप मिली और 19 दिसंबर 2020 को लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) जारी हुआ। पंप स्थापना के लिए NHAI से 29 जून 2021 और 1 जुलाई 2023 को प्रोविजनल एनओसी प्राप्त हुई थी। 2025 में NHAI ने NOC को कहा इसके बाद, 3 मई 2025 को NHAI पालमपुर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विकास सुरजेवाला द्वारा अंतिम एनओसी के लिए आवेदन करने को कहा गया। शिकायत के अनुसार, जब वह अपने पिता के साथ उनसे मिले, तो उन्हें चंडीगढ़ की कंसल्टेंट सीमा से संपर्क कर उसी के माध्यम से आवेदन करने के निर्देश दिए गए। जनवरी 2026 में NHAI अधिकारियों ने पंप बंद करने को कहा जनवरी 2026 में NHAI अधिकारियों ने मौके का दौरा कर पहले जारी एनओसी को रद्द बताते हुए पंप बंद करने को कहा। इस दौरान ईंधन आपूर्ति रोकने की चेतावनी दी गई और पंप के सामने लगभग 28 मीटर क्षेत्र में खुदाई भी की गई। आरोप है कि इसी प्रक्रिया के दौरान 10 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की गई। आगे, 4 फरवरी 2026 को हुई बैठक में कंसल्टेंट सीमा ने कथित रूप से कहा कि रकम की व्यवस्था करने पर फाइल आगे बढ़ेगी। शिकायत में यह भी कहा गया कि संबंधित अधिकारी ने अलग से मुलाकात कर इसी मांग को दोहराया। CBI जांच में 5 लाख लेने की सहमति की पुष्टि CBI की जांच में कंसल्टेंट द्वारा 10 लाख रुपए की मांग और 5 लाख रुपये की आंशिक राशि लेने की सहमति की पुष्टि हुई है। इसके आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7A के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल एफआईआर में कंसल्टेंट सीमा राजपाल को आरोपी बनाया गया है, जबकि NHAI अधिकारी की भूमिका की जांच जारी है। मामले की जांच सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी गई है।