किन्नौर जिले में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य जिले की सभी पात्र किशोरियों तक यह सुरक्षा कवच पहुंचाना है। अब तक 211 किशोरियों ने इस टीके की पहली खुराक ले ली है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर. के. नेगी ने अभियान की सफलता पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है। यह वैक्सीन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा प्रमाणित है और 150 से अधिक देशों में उपयोग की जा रही है। डॉक्टर नेगी बोले- किन्नौर में वैक्सीन को लेकर कोई शिकायत नहीं डॉ. नेगी ने स्पष्ट किया कि किन्नौर में अब तक वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर कोई शिकायत सामने नहीं आई है। उन्होंने बताया कि यह टीका वैज्ञानिक जांच के बाद ही सरकारी अस्पतालों और केंद्रों तक पहुंचाया गया है। अभियान को गति देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 11 और 12 अप्रैल 2026 को विशेष टीकाकरण दिवस घोषित किए हैं। ये टीके जिले के 13 चिन्हित कोल्ड चेन पॉइंट्स (CCPs) पर लगाए जाएंगे। प्रशिक्षित स्वास्थ्य टीमें विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में तैनात रहेंगी। यह अभियान विशेष रूप से उन किशोरियों के लिए है जिनकी आयु 14 वर्ष पूरी हो चुकी है और 15 वर्ष से कम है। बाजार में हजारों रुपये की कीमत वाली यह वैक्सीन सरकार द्वारा इस अभियान के तहत पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही है। डॉ. नेगी ने अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को इस सुरक्षा चक्र का हिस्सा बनाने में मदद करें। उन्होंने किसी भी प्रकार की अफवाह या गलतफहमी से बचने और अपनी बेटी के बेहतर स्वास्थ्य के लिए इस अवसर का लाभ उठाने पर जोर दिया।