शिमला में राम मंदिर के हॉल में एक मुस्लिम लड़की के निकाह को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हिंदू संगठनों ने इस पर कड़ा विरोध जताया है, जबकि सूद सभा ने इसे भ्रम फैलाने का प्रयास बताया है। यह निकाह शिमला की ईदगाह कॉलोनी निवासी मोहम्मद नासिर की बेटी का है, जो 11 अप्रैल को सूद सभा द्वारा संचालित राम मंदिर हॉल में प्रस्तावित है। हिंदू संघर्ष समिति ने इस आयोजन पर कड़ी आपत्ति जताई है। समिति पदाधिकारियों का कहना है कि मंदिर की संपत्ति में मुस्लिम परिवार का विवाह कार्यक्रम स्वीकार्य नहीं है। इस संबंध में समिति ने सूद सभा शिमला को एक ज्ञापन भी सौंपा है। समिति के नेता विजय शर्मा और मदन ठाकुर ने चेतावनी दी है कि यदि राम मंदिर हॉल में निकाह होता है, तो बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने विरोध स्वरूप सुअरों की बारात निकालने और मुंडन तक की बात कही है। वहीं, इस पूरे मामले पर सूद सभा शिमला के अध्यक्ष राजीव सूद ने अपना बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि हॉल में कोई शादी हो रही है, और वे सभी धर्मों की भावनाओं का सम्मान करते हैं। राजीव सूद ने स्पष्ट किया कि मंदिर और हॉल में अंतर है, और इस मुद्दे को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में इसी हॉल में लगभग 15 मुस्लिम परिवारों के निकाह हो चुके हैं। हॉल में पहले से ही मांस, मछली और मदिरा पर प्रतिबंध है, और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है। इस बढ़ते विवाद के बीच, सूद सभा ने मंगलवार को एक बैठक बुलाई है, जिसमें आगे का निर्णय लिया जाएगा। अब देखना होगा कि यह मामला शांत होता है या फिर सड़कों पर विरोध के रूप में और बढ़ता है।