हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा जिले में ट्रांसपोर्टर ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इनकी हड़ताल के ऐलान के बाद आज जिले के अधिकांश प्रा‌इवेट स्कूलों ने छुट्टी की घोषणा कर दी है। ATS सिस्टम के खिलाफ प्राइवेट ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के कारण आज दिनभर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। प्राइवेट ट्रांसपोर्टर न केवल खुद हड़ताल पर है, बल्कि उन्होंने जगह जगह चक्का जाम की भी चेतावनी दी है। इससे लोगों की प्राइवेट व्हीकल में भी आवाजाही प्रभावित हो सकती है। ऑटोमेटेड प्रणाली में दिक्कतों के विरोध में हड़ताल ट्रांसपोर्ट यूनियनों के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि नई पासिंग व्यवस्था के विरोध में है। उनका कहना है कि ऑटोमेटेड प्रणाली में कई व्यावहारिक दिक्कतें सामने आ रही हैं, जिससे ट्रांसपोर्टरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व की तरह मोटर व्हीकल की पासिंग की मांग जिला ट्रक यूनियन के प्रधान महेंद्र चौहान ने बताया कि टेस्टिंग स्टेशन पर यदि वाहन में कोई कमी पाई जाती है, तो चालकों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है। उन्होंने मांग की कि पूर्व की तरह मोटर व्हीकल निरीक्षक द्वारा की जाने वाली पासिंग व्यवस्था को बहाल किया जाए। एंबुलेंस वाहनों को ले जाने की छूट होगी ट्रांसपोर्टरों ने चेतावनी दी है कि चक्का जाम के दौरान जिले के प्रमुख प्रवेश द्वारों पर आवाजाही बाधित रहेगी, जिससे सामान्य यातायात प्रभावित हो सकता है। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस और मरीजों को ले जाने वाले वाहनों को छूट दी गई है। यूनियन ने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने आम लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल अपनी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना है। वाहनों की पासिंग को ATS सिस्मट बता दें कि केंद्र के निर्देशों पर सरकार ने वाहनों की पासिंग के लिए सरकार ने ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) स्थापित किए है। अब इनके माध्यम से ही वाहनों की पासिंग हो रही है। राज्य के अलग अलग क्षेत्रों में टेस्टिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके है। मगर ट्रांसपोर्टर इसके विरोध में उतर आए है।

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