हिमाचल के पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर जमीन घोटाले के दोषियों को बचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में निष्पक्ष जांच के बजाय साक्ष्य दबा रही है और दोषियों को संरक्षण दे रही है। मंडी से जारी एक बयान में, ठाकुर ने चेस्टर हिल मामले का जिक्र किया। उन्होंने मुख्य सचिव द्वारा जारी विवादास्पद पत्र को जल्दबाजी में वापस लेने पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि ऐसी क्या मजबूरी थी कि यह पत्र आनन-फानन में वापस लिया गया और क्या इसे अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर जारी किया गया था। यह पत्र किसके निर्देश पर लिखा गया ठाकुर ने सरकार से पूछा कि यह पत्र किसके निर्देश पर लिखा गया और इसके पीछे असली मंशा क्या थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) अवकाश पर थे, तब उनके कार्यभार को संभाल रहे अधिकारी ने इतनी जल्दी में एकतरफा फैसला क्यों लिया, जबकि दोनों पक्षों की दलीलें नहीं सुनी गईं। पत्र वापस लेना केवल लीपापोती है- जयराम नेता प्रतिपक्ष ने सीएम सुक्खू की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लगाया। उन्होंने कहा कि जब यह मामला मीडिया और सोशल मीडिया में सामने आ चुका था, तब सीएम सुक्खू खुद को इससे अनभिज्ञ क्यों बताते रहे और संबंधित अधिकारियों का बचाव किस आधार पर किया जा रहा था। जयराम ठाकुर ने जोर देकर कहा कि पत्र वापस लेना केवल लीपापोती है। उन्होंने चेतावनी दी कि विपक्ष इस मामले को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाएगा और सरकार को जनता के सामने जवाब देना होगा।

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