कांगड़ा जिले के धर्मशाला में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) के होटलों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी पर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार हिमाचल के संसाधनों का दुरुपयोग कर रही है और इसके पीछे एक सुनियोजित रणनीति काम कर रही है। ठाकुर ने पर्यटन निगम के अध्यक्ष रघुवीर सिंह बाली के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार में आंतरिक मतभेद हैं। उन्होंने पर्यटन नीति पर सवाल उठाते हुए तीन प्रमुख आपत्तियां उठाईं। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर होटलों को घाटे में बताकर उनके नवीनीकरण के लिए बजट की मांग कर रही है। ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस’ के नाम पर निजी हाथों में सौंपने की तैयारी वहीं दूसरी ओर ‘ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस’ के नाम पर उन्हें निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है। ठाकुर के अनुसार, यह एक सुनियोजित रणनीति है, जिसमें पहले सरकारी संपत्तियों को जानबूझकर कमजोर किया जाता है, फिर उन्हें घाटे का बताकर अपने पसंदीदा लोगों को लीज पर दे दिया जाता है। सरकार की फिजूलखर्ची पर भी सवाल उठाया बिक्रम ठाकुर ने सरकार की फिजूलखर्ची पर भी सवाल उठाया। ठाकुर ने पूछा कि जब मौजूदा होटलों का प्रबंधन नहीं हो पा रहा है, तो नगरोटा में ₹180 करोड़ के फाइव स्टार होटल और ₹250 करोड़ के नए प्रोजेक्ट्स की घोषणा का क्या औचित्य है। पुराने होटलों को लीज पर अपने लोगों को देने की तैयारी बिक्रम ठाकुर ने आरोप लगाया कि पुराने होटलों को लीज पर अपने लोगों को देना और नए प्रोजेक्ट्स के ठेके मित्रों को बांटना ही कांग्रेस का वास्तविक एजेंडा है। पूर्व मंत्री ने सरकार पर क्षेत्रीय पक्षपात का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उनके करीबी मंत्रियों के क्षेत्रों, जैसे नादौन और नगरोटा, में ही पर्यटन परियोजनाओं की घोषणाएं की जा रही हैं। जसवां-प्रागपुर क्षेत्र की अनदेखी का आरोप बिक्रम ठाकुर ने जसवां-प्रागपुर क्षेत्र की अनदेखी पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की। ठाकुर ने जसवां-प्रागपुर की उपेक्षा के आरोप लगाते हुए कहा कि व्यास नदी और पोंग डैम एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की झील होने के बावजूद यहां वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा नहीं दिया जा रहा है। विदेशी पक्षियों के आगमन के बावजूद क्षेत्र को किया नजरअंदाज इसके अलावा, विदेशी पक्षियों के आगमन के बावजूद इस क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र पर नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे इको-टूरिज्म की संभावनाओं को नुकसान हो रहा है। ​पूर्व मंत्री ने तंज कसा कि सरकार और संगठन का तालमेल शून्य हो चुका है। नेता छवि बचाने के लिए एक-दूसरे पर कर रहे दोषारोपण नेता अपनी छवि बचाने के लिए एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदेश के संसाधनों की इस ‘खुली लूट’ को भाजपा और प्रदेश की जनता कतई स्वीकार नहीं करेगी। फिलहाल, बिक्रम ठाकुर के इन आरोपों ने हिमाचल की सियासत में ‘पर्यटन बनाम भ्रष्टाचार’ की नई बहस छेड़ दी है।

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