हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के झंडूता स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्योरा से जुड़े परीक्षा परिणाम विवाद ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। छात्रों और उनके अभिभावकों ने बिलासपुर स्थित सर्किट हाउस में एक प्रेसवार्ता कर उत्तर पुस्तिकाओं में कथित छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं। प्रेसवार्ता में अंकित कुमार, मोनिका, अंजली, श्रेष्ठा भारती, शालिनी, निधि शर्मा और अक्षय कुमार सहित कई छात्र-छात्राएं अपने अभिभावकों देशराज, विक्की, भोला देवी और संजय गौतम के साथ मौजूद रहे। परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाएं स्कूल में ही रखी परिजनों ने बताया कि इन छात्रों का परीक्षा केंद्र झंडूता में बनाया गया था। परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाएं कुछ समय तक स्कूल में ही रखी गईं और बाद में बोर्ड को भेजी गईं। जब परिणाम घोषित हुआ, तो विशेष रूप से ड्राइंग विषय में छात्रों को अत्यंत कम अंक प्राप्त हुए, जिससे सभी हैरान रह गए। इस पर छात्रों और अभिभावकों ने स्कूल शिक्षा बोर्ड में शिकायत दर्ज करवाई। जांच के बाद आई फॉरेंसिक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं की लिखाई और उत्तरों के साथ छेड़छाड़ (टेंपरिंग) की पुष्टि हुई है। एक साल बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं परिजनों का कहना है कि इस गड़बड़ी के कारण कई मेधावी छात्र मेरिट सूची से बाहर हो गए। उनका आरोप है कि यह मामला केवल ज्योरा स्कूल के 11 छात्रों तक सीमित है, जिससे संदेह और गहरा हो जाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस केंद्र पर परीक्षा आयोजित हुई, उसी को एग्जामिनेशन कलेक्शन सेंटर बनाया गया, जो नियमों के विपरीत है। परिजनों का कहना है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद एक साल बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रेसवार्ता के दौरान छात्रों और अभिभावकों ने प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करवाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

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