मिड डे मील वर्कर्स यूनियन (सीटू) की निरमंड ब्लॉक इकाई ने 22 जून को प्रस्तावित प्रदेशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया है। यह निर्णय विश्राम गृह निरमंड में रमेश की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। यूनियन ने सरकार द्वारा बजट में मात्र 500 रुपये की वेतन वृद्धि को नाकाफी बताया है, जबकि वर्तमान में उन्हें 5500 रुपये मासिक वेतन मिलता है। यूनियन नेताओं ने कहा कि 5500 रुपये मासिक वेतन में परिवार चलाना बेहद कठिन है। इसके अतिरिक्त, मिड डे मील कर्मियों को नियमित रूप से वेतन न मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति और भी दयनीय हो गई है। सीटू जिला शिमला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, राम दास मल्होत्रा और महासचिव सत्या शर्मा ने बैठक को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। कर्मियों से करवाए जा रहे अतिरिक्त काम वक्ताओं ने आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय ने 10 माह के बजाय 12 माह का वेतन देने का आदेश दिया था, लेकिन सरकार ने इसे अभी तक लागू नहीं किया है। कर्मियों से किचन गार्डन, सफाई और अन्य अतिरिक्त कार्य भी करवाए जाते हैं, जिसके लिए उन्हें कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं मिलता। यूनियन की प्रमुख मांगों में मिड डे मील कर्मियों को न्यूनतम 13,500 रुपये मासिक वेतन, नियमित भुगतान, मुफ्त मेडिकल सुविधा, वेतन सहित छुट्टियां और अन्य सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर सुविधाएं शामिल हैं। इसके साथ ही, बंद या मर्ज किए गए स्कूलों के कर्मियों को अन्य स्कूलों में समायोजित करने की भी मांग उठाई गई। ब्लॉक स्तर पर चलाएंगे अभियान यूनियन ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए ब्लॉक स्तर पर अभियान चलाने और 22 जून की हड़ताल को पूरी तरह सफल बनाने का संकल्प लिया। बैठक में सत्या, कृष्णा, दीपा, सलोचना, इंद्रा, किरण, चिमना, पुष्पा, कमला सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।

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