कुल्लू जिले में लाहौल स्पीति प्रशासन ने अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल पर हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही और व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है। उपायुक्त लाहौल स्पीति एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष किरण भडाना ने वीरवार को एक अधिसूचना जारी कर यह आदेश पारित किए। अधिसूचना में बताया गया है कि बीआरओ के मुख्य अभियंता और पुलिस उप अधीक्षक केलांग से मिली जानकारी के अनुसार, अटल टनल के उत्तरी प्रवेश द्वार की बाईं ओर की पहाड़ी ढलानें, सुरंग के आसपास का क्षेत्र और चंद्रा नदी पर बने पुल का इलाका हिमस्खलन, मलबा गिरने और अचानक मौसमी आपदाओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है।
जन सुरक्षा को लेकर उठाया कदम प्रशासन ने कहा कि इन क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही और अनधिकृत व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि देखी जा रही है, जिससे अचानक आने वाली आपदा के समय गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। जन सुरक्षा, जीवन की रक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के सुचारू संचालन के लिए तत्काल निवारक उपाय आवश्यक थे। आम जनता का प्रवेश वर्जित इसके मद्देनजर, जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 30(2) और धारा 34, तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत इन आपदा संभावित क्षेत्रों को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया है। प्रतिबंध के तहत, सक्षम अधिकारियों की अनुमति के बिना पर्यटकों और आम जनता का प्रवेश वर्जित रहेगा। सभी प्रकार की गतिविधियां बंद प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी प्रकार की बिक्री, फेरी, अस्थायी स्टॉल, फोटोग्राफी पॉइंट और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेंगी। साथ ही, किसी भी वाहन को रुकने या पार्क करने की अनुमति नहीं होगी। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 और अन्य लागू कानूनों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों और कर्मचारियों पर आदेश लागू नहीं यह आदेश आपातकालीन सेवाओं, ड्यूटी पर तैनात सरकारी अधिकारियों, बीआरओ कर्मियों और आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों पर लागू नहीं होगा। ये प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और अगले आदेश तक या जोखिम आकलन की समीक्षा होने तक जारी रहेंगे।

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