केंद्र सरकार ने देश के पहाड़ी राज्यों के विकास को गति देने के लिए ‘प्राइड ऑफ हिल्स’ योजना के तहत बड़ी सौगात दी है। इस योजना के तहत केंद्र ने नौ पहाड़ी राज्यों को 25 हजार करोड़ और हिमाचल प्रदेश को 3920 करोड़ रुपए की वित्तीय मदद जारी की है। यह राशि स्पेशल एसिस्टेंट टू स्टेट फॉर कैपिटल इनवेस्टमेंट (SASCI) के तहत जारी की गई। गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही हिमाचल सरकार के लिए यह बड़ी राहत मानी जा रही है, क्योंकि केंद्र ने एक अप्रैल 2026 के बाद राज्य की रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) को बंद कर दिया है। इससे हिमाचल को हर साल लगभग 8 हजार करोड़ रुपए सालाना का घाटा होगा। RDG बंद होने से हिमाचल मुश्किल में हैं, क्योंकि राज्य सरकार पर कर्ज का बोझ लगभग 1.05 लाख करोड़ पहुंच गया है। RDG बंद होने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य की वित्तीय स्थिति से अवगत कराया था और विशेष पैकेज देने का आग्रह किया था। वित्तीय स्थिति सुधारने में मिलेगी मदद इस बीच केंद्र सरकार ने आज ‘प्राइड ऑफ हिल्स’ के तहत पहाड़ी राज्यों की भौगोलिक और आर्थिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यह विशेष मदद जारी की है। योजना के तहत इससे राज्यों को पूंजीगत व्यय बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी। कठिन वक्त में मिली यह मदद राज्य की वित्तीय स्थिति सुधारने और उनकी देनदारियों को संतुलित करने में भी यह मददगार होगी। अरुणाचल के बाद हिमाचल को सबसे ज्यादा मदद अरुणाचल प्रदेश को सबसे ज्यादा 4900 करोड़ रुपए, हिमाचल को 3920 करोड़, उत्तराखंड को 3460 करोड़, त्रिपुरा को 3450 करोड़, नागालैंड को 3880 करोड़, मणिपुर को 2400 करोड़, मेघालय को 2070 करोड़, सिक्किम को 820 करोड़ और मिजोरम को 100 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। हिमाचल के लिए यह बड़ी राहत हिमाचल प्रदेश के लिए यह पैकेज खास तौर पर अहम माना जा रहा है, क्योंकि राज्य लंबे समय से वित्तीय दबाव और सीमित संसाधनों की समस्या से जूझ रहा है। इस फंड से सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।

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